सुप्रीम कोर्ट ने स्थिति को बताया गंभीर
ताजा घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने दो आत्महत्या मामलों की सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार से तीखे सवाल पूछे। कोर्ट ने छात्रों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाओं पर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई और इस स्थिति को गंभीर बताया।
राज्य सरकार से तीखे सवाल
पीठ ने राज्य सरकार से तीखे सवाल भी किए। जस्टिस पारदीवाला ने राजस्थान राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील से पूछा, "आप एक राज्य के रूप में क्या कर रहे हैं? ये बच्चे आत्महत्या क्यों कर रहे हैं और केवल कोटा में ही? क्या आपने एक राज्य के रूप में इस पर विचार नहीं किया?"
वर्षवार आत्महत्या के आंकड़े
हिंदुस्तान टाइम्स ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि 2022 में कोटा में 15 छात्रों ने आत्महत्या की, 2019 में 18, 2018 में 20, 2017 में सात, 2016 में 17 और 2015 में 18 छात्रों ने आत्महत्या की।
| वर्ष |
आत्महत्याओं की संख्या |
| 2015 |
18 |
| 2016 |
17 |
| 2017 |
7 |
| 2018 |
20 |
| 2019 |
18 |
| 2022 |
15 |
| 2024 |
17 |
| 2025 |
14 (अब तक) |