काउंसलिंग में भाग लेने की मांगी गई थी अनुमति
छात्रों की ओर से पेश वकील ने बताया कि काउंसलिंग के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी है और उन्होंने इसमें भाग लेने की अस्थायी अनुमति मांगी थी। लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि याचिकाओं में से एक में पुनः परीक्षा की मांग की गई है, जो स्वीकार नहीं की जा सकती क्योंकि इससे लाखों छात्रों की मेहनत पर असर पड़ेगा। कोर्ट ने इस मामले में फिलहाल कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया और सुनवाई को टाल दिया।
क्या था मामला?
गौरतलब है कि 16 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने उन छात्रों की याचिका सुनने पर सहमति दी थी, जिन्हें परीक्षा के दौरान मध्य प्रदेश के कुछ केंद्रों पर बिजली कटौती का सामना करना पड़ा था। पहले हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश ने इंदौर और उज्जैन के उन केंद्रों पर प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का निर्देश दिया था।
हालांकि बाद में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने एनटीए की अपील पर एकल पीठ का फैसला रद्द कर दिया, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सावधानी बरतने की बात कही।
कोर्ट ने एक विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि हालांकि कुछ केंद्रों पर बिजली गई थी, लेकिन वहां पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी थी, जिससे परीक्षार्थी परीक्षा दे सके।