12 मार्च, 1989 को यूरोप के भौतिकी प्रयोगशाला सर्न के लिए काम कर रहे ब्रिटिश भौतिक विज्ञानी टिम बर्नर्स-ली ने सूचना प्रबंधन की विकेंद्रीकृत प्रणाली का प्रस्ताव रखा। इन्होंने वर्ल्ड वाइड वेब के जन्म के बारे में बाताया जो अब अरबों लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है।
खास बात यह है कि गूगल ने वर्ल्ड वाइड वेब के जन्मदिन पर अपना डूडल बनाया है। इसे बनाने के पीछे गूगल का मकसद दुनिया भर में खबरों को चिन्ह के रूप में दर्शाया गया है।
आज से तीस साल पहले, कंप्यूटर वैज्ञानिक और इंजीनियर टिम बर्नर्स-ली ने बहुत सारे कंप्यूटरों में बहुत सारी जानकारी को कैसे जोड़ा जाए, इसके लिए एक प्रस्ताव लिखा था। सूचना के वैश्विक नेटवर्क के लिए यह प्रस्ताव अंततः वर्ल्ड वाइड वेब बन गया, और दुनिया को एक बेहतर अविष्कार दे दिया।
वर्ष 1983 में एक सर्वेक्षण के दौरान में उन लोगों से बात की गई थी जिन्होंने कंप्यूटर के ज़रिए किसी को संदेश भेजा था। इनमें से लगभग 50 प्रतिशत लोगों को यह तरीका बहुत उपयोगी नहीं लगा था।
इसके बाद से प्यू रिसर्च सेंटर उन आंकड़ों को जुटाता रहा है जो बताते हैं कि गुजरे दशकों में अमरीकी इस तकनीक को किस तरह देखते रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि 1983 में अमरीका में दस प्रतिशत लोगों के पास कंप्यूटर थे। लेकिन संदेश भेजने के लिए ज़्यादातर लोगों को यह तकनीक रास नहीं आई।