संस्कृति यूनिवर्सिटी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों और मेधावी छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए ट्यूशन फीस में बड़ी रियायत दे रही है। अब देश के स्कूल नेशनल पदक विजेता खिलाड़ियों को आर्थिक परेशानी के चलते शिक्षा बंद नहीं करनी पड़ेगी। वहीं, जो मेधावी छात्र-छात्राएं पैसे के अभाव में बीटेक, एमटेक और एमबीए में प्रवेश नहीं ले पाते थे, उन्हें भी अब निराशा का सामना नहीं करना होगा।
कुलाधिपति सचिन गुप्ता का कहना है कि संस्कृति विश्वविद्यालय का उद्देश्य सिर्फ धन अर्जित करना नहीं बल्कि देश की युवा तरुणाई को बेहतर प्लेटफार्म देना है। सचिन गुप्ता का कहना है कि कुछ खिलाड़ियों को छोड़कर देश के अधिकांश प्रतिभाशाली खिलाड़ी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। हॉकी, बैडमिंटन, कबड्डी, कुश्ती, वॉलीबाल, फुटबॉल, एथलेटिक्स आदि में करियर संवारने वाले अधिकतर खिलाड़ी पैसे के अभाव में उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पाते। संस्कृति यूनिवर्सिटी ऐसे खिलाड़ियों, जिन्होंने स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित नेशनल खेलों में स्वर्ण, रजत तथा कांस्य पदक जीते हैं उन्हें प्रवेश शुल्क में बड़ी रियायत देने का निर्णय लिया है।
स्कूल में नेशनल लेवल में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 50 फीसदी, रजत पदक विजेता को 35 फीसदी तथा कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 25 फीसदी ट्यूशन फीस में रियायत दी जा रही है। विश्वविद्यालय के उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने कहा कि देश में प्रतिभा की कमी नहीं है, हमारा प्रयास है कि ऐसी प्रतिभा शिक्षा के क्षेत्र में भी नए प्रतिमान स्थापित करें। सचिन गुप्ता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तो सभी प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन स्कूल नेशनल पदक विजेता खिलाड़ियों की तरफ किसी का ध्यान नहीं होता। संस्कृति यूनिवर्सिटी स्कूल नेशनल पदक विजेता खिलाड़ियों को न केवल प्रोत्साहित करेगी बल्कि उन्हें उच्च तालीम भी देगी।
संस्कृति यूनिवर्सिटी द्वारा जो मेधावी छात्र-छात्राएं पैसे के अभाव में बीटेक, एमटेक और एमबीए की शिक्षा नहीं ले पाते उन्हें भी प्रवेश में रियायत दी जा रही है। जिन छात्र-छात्राओं ने 10+2 में 91 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं, उन्हें बीटेक में प्रवेश के लिए ट्यूशन फीस में शत-प्रतिशत छूट दी जा रही है तथा 85 से 90 फीसदी अंक हासिल करने वालों को 50 प्रतिशत, 80 से 84.99 प्रतिशत वालों को 25 फीसदी तथा 70 से 79.99 प्रतिशत अंक वालों को ट्यूशन फीस में 20 फीसदी की रियायत दी जा रही है। इसी प्रकार से एमटेक और एमबीए की तालीम हासिल करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी प्रवेश में बड़ी रियायत दी जा रही है।
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