निश्चय ही हमारा यह प्रयास स्थानीय एवं देश के अन्य राज्यों से आए बच्चों में बहुमुखी प्रतिभा का निखार करेगा। उन्होंने अनुसंधान की दिशा में प्रयास तेज करने पर जोर दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ। तदोपरांत विशेष शिक्षा पा रहे बच्चों ने गणेश वंदना पर समूह नृत्य की मनोरम प्रस्तुति दी। तानजेन एवं नवीन के युगलगीत पर दर्शक दीर्घा में बैठे लोग तालियां बजाने से नहीं रुक पाए।
इसके बाद फैशन शो का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कपल डांस की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केन्द्र रहीं। गीत संगीत के तरानों पर संस्कृति यूनिवर्सिटी का ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम में विशेष शिक्षा श्रेणीक्रम वाले बच्चों को सम्मानित करते हुए उन्हें पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
उत्तर-पूर्व के बच्चों की प्रस्तुति लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र रही। इससे लगा कि सांस्कृतिक विविधताओं वाले देश की विभिन्न संस्कृतियों का समागम हो रहा है। कार्यक्रम में रोमांटिक कपल डांस, आफत में जान प्ले, पेट्रिऑटिक डांस ने सबका मन मोह लिया।
मिस्टर और मिस फ्रैशर का चयन किया जाना भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। कार्यक्रम में ओएसडी मीनाक्षी शर्मा, कुलपति डॉक्टर राणा सिंह, उप कुलपति डॉक्टर अभय कुमार, कार्यकारी निदेशक पीसी छाबड़ा, डीन डॉक्टर कल्याण कुमार, सभी विभागाध्यक्ष और पूरा स्टाफ मौजूद रहा।
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