जांच के लिए समिति गठित
आईआईटी-खड़गपुर के एक प्रवक्ता ने कहा, "उनके माता-पिता उनसे फोन पर संपर्क नहीं कर पा रहे थे और उनके कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया और वे कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो उनका शव छत से लटका हुआ मिला।"
एक बयान में, संस्थान ने कहा कि उसने मामले की जांच के लिए एक तथ्य-खोजी समिति का गठन किया है।
उन्होंने आगे कहा, "प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। संस्थान अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहा है।"
निदेशक ने जताया दुख
आईआईटी-खड़गपुर के निदेशक सुमन चक्रवर्ती ने कहा, "हर छात्र को परिवार का सदस्य मानने वाले व्यक्ति के रूप में, मैं इस त्रासदी को सबसे ज़्यादा व्यक्तिगत रूप से महसूस करता हूँ।" उन्होंने कहा कि संस्थान ने हाल ही में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया ताकि यह पुष्टि की जा सके कि समुदाय में कोई भी व्यक्ति अपने संघर्षों में अकेला नहीं है।
उन्होंने कहा, "बोर्ड ऑफ़ होप और छात्र कल्याण के डीन की स्थापना जैसी पहलों के माध्यम से, हम एक ऐसा संवेदनशील वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो हमारे समुदाय के प्रत्येक सदस्य की बात सुने, उसका समर्थन करे और उसका उत्थान करे।"
जनवरी से IIT-खड़गपुर में पांच छात्रों की आत्महत्या
इसके साथ ही, जनवरी से अब तक संस्थान के पांच छात्र अपने छात्रावास के कमरों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर चुके हैं।
ऐसी आखिरी घटना 18 जुलाई को हुई थी, जब चौथे वर्ष के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र रितम मंडल राजेंद्र प्रसाद हॉल स्थित अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाए गए थे।
उनके अलावा, 21 जुलाई को एक छात्र की गोली खाने से दम घुटने से मौत हो गई। मध्य प्रदेश के रहने वाले चंद्रदीप पवार इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के द्वितीय वर्ष के छात्र थे।