हम अपने करियर को बनाने के लिए करीब 20 साल तक पढ़ाई और तैयारी करते हैं, लेकिन शादी और परिवार की जिम्मेदारियों के लिए कितना समय देते हैं? गोवा का एक कॉलेज इसी सवाल के साथ युवाओं के लिए खास सर्टिफिकेट कोर्स शुरू कर रहा है। इसका नाम ‘मैरिज रेडीनेस: प्रिपेयरिंग फॉर हेल्दी एंड लास्टिंग रिलेशनशिप्स’ रखा गया है। इस कोर्स का मकसद युवाओं को सिर्फ शादी की रस्मों के बारे में बताना नहीं, बल्कि शादीशुदा जिंदगी की जिम्मेदारियों, आपसी समझ और रिश्तों को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने के तरीकों से परिचित कराना है।
गोवा कॉलेज ऑफ होम साइंस के मानव विकास और परिवार अध्ययन विभाग की ओर से यह सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है। कॉलेज के प्रिंसिपल महेश पई ने पीटीआई को बताया कि यह कोर्स 2 से 17 दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसे 15 दिन का कार्यक्रम बताया गया है। इसमें युवाओं को शादी और पारिवारिक जीवन से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को समझने का मौका मिलेगा। कॉलेज का मानना है कि शादी की तैयारी केवल विवाह समारोह की योजना बनाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें रिश्ते को समझना और जिम्मेदारियों के लिए तैयार होना भी शामिल है।
कोर्स शुरू करने की जरूरत क्यों पड़ी?
यह पहल ऐसे समय में हुई है, जब गोवा सरकार भी शादी से पहले सलाह देने की व्यवस्था शुरू करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने रविवार को पणजी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि सरकार राज्यभर में विवाह-पूर्व परामर्श शुरू करने का इरादा रखती है, ताकि तलाक के मामलों को कम करने में मदद मिल सके। राज्य के कानून विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से 2025 के बीच गोवा की दीवानी अदालतों में शादी और तलाक से जुड़े 3,000 से ज्यादा मामले दायर किए गए। इनमें अकेले 2024 में 947 मामले शामिल थे।
कौन कर सकता है आवेदन?
कॉलेज के प्रिंसिपल महेश पई के मुताबिक, यह कोर्स स्नातक और परास्नातक के छात्रों के साथ अविवाहित युवाओं के लिए भी खुला है। इसके अलावा ऐसे लोग भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं, जो स्वस्थ रिश्ते बनाना और शादी के लिए खुद को बेहतर तरीके से तैयार करना चाहते हैं। इसमें युवाओं को खुद को समझने, अपने साथी की भावनाओं और जरूरतों को जानने, आपसी तालमेल बनाने और शादी के बाद आने वाली जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिलेगा। कोर्स का उद्देश्य लोगों को रिश्तों के बारे में गहरी समझ देना है, ताकि वे सोच-समझकर अपने भविष्य के फैसले ले सकें।
किन विषयों पर मिलेगी जानकारी?
कॉलेज के ब्रोशर के मुताबिक, कोर्स में डेटिंग का उद्देश्य और उसका तरीका, खुद को समझना और दूसरों से जुड़ने की जरूरत जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा स्त्री और पुरुष की भूमिका तथा उसका रिश्तों पर पड़ने वाला असर भी समझाया जाएगा। एक अहम विषय ‘शादी का समारोह और शादीशुदा जिंदगी के बीच अंतर’ भी है। इसके जरिए बताया जाएगा कि विवाह केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि लंबे समय तक निभाई जाने वाली साझेदारी और जिम्मेदारी है। इन विषयों के माध्यम से प्रतिभागियों को स्वस्थ और टिकाऊ रिश्ते बनाने की समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।