परीक्षा केंद्र पर होगा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
परीक्षा के दिन सुरक्षा जांच (फ्रिस्किंग) पूरी होने के बाद सभी उम्मीदवारों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना होगा। इसमें फिंगरप्रिंट और चेहरे की पहचान (Face Recognition) शामिल होगी। यह प्रक्रिया परीक्षा शुरू होने से पहले पूरी की जाएगी।
किन परिस्थितियों में मिलेगी छूट?
यदि किसी उम्मीदवार का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन तकनीकी या अन्य कारणों से पूरा नहीं हो पाता है, तब भी उसे परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र पर एक लिखित अंडरटेकिंग (घोषणा-पत्र) भरना होगा।
छूट मिलने की प्रमुख परिस्थितियां:
- बायोमेट्रिक डिवाइस में तकनीकी खराबी होना
- बायोमेट्रिक डेटा की गुणवत्ता खराब होना
- UIDAI सर्वर से कनेक्टिविटी में समस्या आना
- उम्मीदवार का शारीरिक रूप से बायोमेट्रिक डेटा देने में असमर्थ होना
परीक्षा के दौरान नहीं होगी परेशानी
NTA ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों को बायोमेट्रिक प्रक्रिया के लिए परेशान नहीं किया जाएगा। जहां आवश्यकता होगी, वहां यह प्रक्रिया परीक्षा शुरू होने से पहले या परीक्षा समाप्त होने के बाद पूरी की जाएगी।
री-नीट 2026 परीक्षा 21 जून को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। वहीं, अतिरिक्त समय (Compensatory Time) के पात्र PwD/PwBD उम्मीदवारों को परीक्षा पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा, जिसके चलते उनकी परीक्षा शाम 6:20 बजे तक चलेगी।
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से इनकार करने पर हो सकती है कार्रवाई
NTA ने सभी उम्मीदवारों से परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों का सहयोग करने की अपील की है। यदि कोई उम्मीदवार बिना किसी वैध दस्तावेजी कारण के बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराने से इनकार करता है, तो इसे परीक्षा नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
ऐसे मामलों में उम्मीदवार के खिलाफ "पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024" के तहत कार्रवाई की जा सकती है।