हालांकि, अभी तक अपनी नियुक्ति को लेकर रतन टाटा को कोई बयान नहीं आया है। लेकिन मुंबई यूनिवर्सिटी का कहना है कि रतन टाटा ने एक खत के जरिए अपनी नियुक्ति को स्वीकार किया है। हालांकि, इस यूनिवर्सिटी से जुड़े दो अन्य सदस्यों के नामों का खुलासा जल्द किया जाएगा। सलाहकार परिषद का काम शोध, वित्तीय संसाधनों को जुटाना और अकादमी रिपोर्ट तैयार करना होगा। यह परिषद यूनिवर्सिटी की गतिविधियों की भी निगरानी करेगी।
कौन हैं रतन टाटा
रतन टाटा देश के अग्रणी उद्योगपति हैं। उनका जन्म 8 दिसंबर 1937 में (तत्कालीन बॉम्बे) मुंबई में हुआ। उन्हें भारत के दो सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार- पद्म विभूषण (2008) और पद्म भूषण (2000) मिले हैं। वह प्रतिष्ठित कैथेड्रल और जॉन कानोन स्कूल, बिशप कॉटन स्कूल (शिमला), कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड के पूर्व छात्र हैं।
1962 से टाटा ग्रुप में काम शुरू करने के बाद रतन टाटा ने 1991 में टाटा ग्रुप की कमान संभाली थी उनकी अगुवाई में टाटा ग्रुप ने भारत समेत दुनियाभर में विस्तार किया है। बता दें कि टाटा संस ग्रुप की अगुवा कंपनी है। टाटा संस की इक्विटी शेयर पूंजी का 66 फीसदी हिस्सा परोपकारी ट्रस्टों के पास है। ये ट्रस्ट शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका उत्पादन और कला-संस्कृति के लिए काम करते हैं। टाटा ग्रुप के अधीन आने वाली हर कंपनियों का मैनेजमेंट और अन्य गतिविधियां स्वतंत्र हैं।
टाटा अलग-अलग कंपनियों के जरिए 100 से अधिक देशों में कारोबार कर रही है। इस ग्रुप का टीसीएस के जरिए आईटी सेक्टर में दबदबा है तो वहीं टाटा स्टील ने भारत समेत दुनिया भर की स्टील इंडस्ट्री में अपनी एक खास पहचान बनाई है। इसी तरह ऑटो इंडस्ट्री में टाटा मोटर्स समेत अन्य व्हीकल्स ने नाम कमाया है. इसके अलावा कंज्यूमर और रिटेल इंडस्ट्रीज, इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज, फाइनेंशियल सर्विसेज, एयरोस्पेस और डिफेंस में भी टाटा ग्रुप ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
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