शिकायत के बाद अभिभावकों का हंगामा
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उप-प्रधानाचार्य छात्रों को "चोटी" जैसे धार्मिक प्रतीकों को रखने और देवताओं की मूर्तियां बनाने से हतोत्साहित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उप-प्रधानाचार्य छात्रों से कहते थे कि देवताओं का अस्तित्व नहीं है और उन्हें न तो उनकी तस्वीरें बनानी चाहिए और न ही मंदिरों में जाना चाहिए।
जब कुछ छात्रों ने अपने अभिभावकों को इस मामले की जानकारी दी, तो उनके अभिभावक स्कूल पहुंच गए। इस मामले से नाराज होकर उन्होंने कथित तौर पर इंदौरिया की पिटाई कर दी।
पुलिस स्कूल पहुंची और उन्हें बचाया। शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि विभाग ने उप-प्रधानाचार्य को एपीओ (पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा में) कर दिया है।