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क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2022: आईआईएससी बेंगलुरु फिर देश में सर्वश्रेष्ठ, दक्षिण एशिया में उभरते संस्थान का खिताब भी कब्जाया

Thu, 09 Jun 2022 06:38 AM IST
देव कश्यप सीमा शर्मा, नई दिल्ली।

सार

रैंकिंग में इस बार 12 विश्वविद्यालयों की स्थिति सुधरी है, जबकि 12 अन्य की यथावत है। 10 विश्वविद्यालय की रैंकिंग में गिरावट आई है।
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आईआईएससी, बेंगलुुरु। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सांइस (आईआईएससी) बेंगलुुरु को एक बार फिर देश में सर्वश्रेष्ठ और साउथ एशिया में उभरते संस्थान का खिताब मिला है। देश में आईआईटी बॉम्बे दूसरे और आईआईटी दिल्ली तीसरे स्थान पर हैं। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2023 बुधवार और बृहस्पतिवार की दरमियानी रात 1:30 बजे लंदन में जारी हो गई। इसमें आईआईएससी बेंगलुुरु दुनिया के उच्च शिक्षण संस्थानों में 155वें स्थान पर है।

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वर्ष 2022 में वह 186वें स्थान पर था। इस प्रकार उसकी रैंकिंग में एक साल में 31 पायदान का उछाल आया है। संस्थान को शोध में 100 फीसदी स्कोर मिला है। रैंकिंग-2023 में टॉप 200 में आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी दिल्ली को भी जगह मिली है।

रैंकिंग में इस बार 12 विश्वविद्यालयों की स्थिति सुधरी है, जबकि 12 अन्य की यथावत है। 10 विश्वविद्यालय की रैंकिंग में गिरावट आई है। इस बार सात नए विश्वविद्यालयों को सूची में जगह मिली है। भारत में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस पहले, आईआईटी बॉम्बे पांच स्थान की छलांग के साथ दूसरे और 11 स्थान सुधार के साथ आईआईटी दिल्ली तीसरे स्थान पर हैं। सूची में आईआईटी दिल्ली पहली बार तीसरा स्थान हासिल करने में कामयाब हुआ है। एकेडमिक रेपुटेशन मानक में कुल 41 भारतीय संस्थानों की एंट्री हुई थी। छात्र-शिक्षक अनुपात सही न होने के कारण संस्थान रैंकिंग में सुधार के लिए संघर्षरत हैं।
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टॉप-100 में होंगे आईआईटी दिल्ली और आईआईटी बॉम्बे
यह पहला मौका है, जब आईआईटी की रैंकिंग में जबरदस्त सुधार आया है। रिपोर्ट में लिखा है कि क्यूएस ग्लोबल एकेडमिक सर्वे के दौरान इंटरनेशनल एकेडमिक कम्युनिटी (जो सर्वे कर रही थी) को भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एकेडमिक रैपुटेशन मानक में 1,51,000 सुझाव मिले थे। इसमें आईआईटी बॉम्बे को 59वां और आईआईटी दिल्ली को 72वां रैंक मिला था। इस आधार पर क्यूएस ने रिपोर्ट में लिखा है कि ये दोनों संस्थान जल्द ही दुनिया के टॉप-100 की सूची में शामिल होंगे। आईआईटी कानपुर, आईआईटी खड़कपुर और आईआईटी रुड़की ने भी पहली बार 13 स्थान की छलांग लगाई है। आईआईटी गुवाहाटी ने 11 स्थान का सुधार किया है। आईआईटी इंदौर को नए शामिल किए गए संस्थानों की सूची में पहला स्थान मिला है। दुनिया में यह 396 वें स्थान पर है।

पांच पब्लिक इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस की रैंकिंग सुधरी
देश के पांच पब्लिक इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस की रैंकिंग में सुधार आया है। इनमें आईआईएससी बेंगलुरु, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मद्रास और आईआईटी खड़कपुर शामिल हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी (521-530), जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी और हैदराबाद यूनिवर्सिटी की रैंकिंग में गिरावट आई है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की रैंकिंग में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। उधर, निजी इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस में मणिपाल अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन और बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी    एंड साइंस की रैंकिंग पिछली बार जैसी ही है। ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी      को 651 से 700 के बीच स्थान मिला है।

इन भारतीय संस्थानों ने सुधारी रैंकिंग
संस्थान                               2023    2022
आईआईएससी बेंगलुरु           155    186
आईआईटी बॉम्बे                   172    177
आईआईटी दिल्ली                  174    185
आईआईटी मद्रास                   250    255
आईआईटी कानपुर                 264    277
आईआईटी खड़गपुर                270    280
आईआईटी रुड़की                   369    400
आईआईटी गुवाहाटी                 384    395

मोदी सरकार एनईपी-2020 से हर तबके तक पहुंचा रही शिक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 से शिक्षा में बड़ा सुधार कर रही है। वह हर तबके, हर क्षेत्र तक शिक्षा पहुंचाने में लगी। है। पढ़ाई, इंफ्रास्ट्रक्चर, भागीदारी, रिसर्च एरिया व गुणवत्ता पर काम हो रहा है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) नेे उच्च शिक्षा में नया फ्रेमवर्क लागू किया है। - बेन सोटर सीनियर वाइस प्रेजीडेंट, क्यूएस

महिला कर्मियों और छात्राओं से एमिटी रैंकिंग में
एमिटी यूनिवर्सिटी को रैंकिंग-2023 में 1001-1200 के बीच जगह मिली है। एमिटी ने सबसे ज्यादा 58 फीसदी महिला कर्मचारियों की भर्ती की। यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई में 56 फीसदी महिला कर्मी हैं। कोलकाता यूनिवर्सिटी (रैंकिंग 801-1000 के बीच) सबसे ज्यादा 63 फीसदी और यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई (रैंकिंग 1001-1200 के बीच) 57 फीसदी छात्राओं के साथ दूसरे स्थान पर हैं। रैंकिंग में पहली बार शामिल मद्रा यूनिवर्सिटी ने 541-550 बैंड में जगह बनाई है। चंडीगढ़ यूूनिवर्सिटी स्थापना के 10 वर्ष से कम समय में नए संस्थानों में शामिल है। इसे 801-1000 के बैंड में शामिल किया गया है।

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