दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2024-25 में स्नातक की 71 हजार से अधिक सीटों पर दाखिले के लिए छात्रों को सिमयुलेटेड रैंक (संभावित रैंक) रविवार (11 अगस्त शाम पांच बजे) जारी की जाएगी।
छात्रों के डैशबोर्ड पर मिलने वाली इस रैंक के माध्यम से छात्रों को अपनी दाखिले की संभावनाओं का पता चल सकेगा।
इसके बाद छात्रों को दो दिन तक यह अवसर होगा कि वह अपनी प्राथमिकताओं में फिर से बदलाव कर सकेंगे। छात्रों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि यह संभावित रैंक उनके दाखिले की गारंटी नहीं है। सिमयुलेटेड रैंक (संभावित रैंक) के बाद अपनी प्राथमिकताओं को दुबारा व्यवस्थित करने के बाद दाखिले के लिए कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (सीएसएएस) के तहत 16 अगस्त को पहली सीट आवंटन सूची जारी कर दी जाएगी।
डीयू दाखिला डीन प्रो हनीत गांधी ने बताया कि सीएसएएस के दूसरे चरण (कॉलेज व कोर्स) चयन की प्रक्रिया शुक्रवार आधी रात समाप्त हो गई। डीयू में कुल 2, 45, 273 आवेदन हुए हैं जिसमें से 1 लाख 82 हजार से अधिक छात्रों ने एक करोड़ 60 लाख से अधिक कॉलेज व कोर्स की वरीयताएं दी हैं। यह वरीयताएं अब ऑटो लॉक हो गई हैं। अब रविवार को जारी होने वाली संभावित रैंक के बाद छात्र 11 अगस्त शाम पांच बजे से 12 अगस्त रात 11:59 मिनट तक अपनी वरीयताओं को दुबारा व्यवस्थित कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपने डैशबोर्ड पर जाना होगा।
वरीयताओं में बदलाव करने पर छात्रों को उन्हें सेव भी करना होगा। अन्यथा अंतिम सेव की गई प्राथमिकताएं स्वत: लॉक हो जाएंगी और ये सीट आवंटन निर्धारण का आधार बनेगी। यह संभावित रैंक छात्रों के सीयूईटी स्कोर और कॉलेज कोर्स चयन की प्राथमिकताओं के आधार पर ही जारी होगी। छात्र कोर्स की सीटों को देखकर अपने दाखिले की संभावना का अंदाजा लगा सकेंगे। इसे इस तरह से समझा जा सकता है कि यदि किसी कोर्स में किसी छात्र को 10 हजार से ऊपर की रैंक मिली है तो वह उस कोर्स की विभिन्न कॉलेजों में उपलब्ध सीटों को देखकर अपनी सीट आवंटन का अंदाजा लगा सकते हैं।
बीकॉम व बीकॉम ऑनर्स पहली पसंद
कॉलेज व कोर्स चयन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद भी टॉप सात प्रोग्राम में बीकॉम और बीकॉम ऑनर्स ही छात्रों की पहली पसंद बना है। इसके बाद अंग्रेजी ऑनर्स, राजनीति विज्ञान ऑनर्स, इतिहास ऑनर्स, साइकोलॉजी ऑनर्स व अर्थशास्त्र ऑनर्स सबसे ज्यादा चयनित प्रोग्राम हैं।