स्कूलों को दिए गए दिशानिर्देश
सीबीएसई ने इन परीक्षाओं के आयोजन को लेकर स्कूलों को पहले ही दिशा-निर्देश दिए थे। इनके आधार पर ही स्कूल प्रैक्टिकल परीक्षाएं व आंतरिक मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरा करेंगे। बारहवीं प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए स्कूलों की ओर से बाहरी परीक्षक की नियुक्ति की गई है। स्कूलों की ओर से प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए 30-30 बच्चों के समूह बनाए गए हैं।
प्रयोग करते हुए बच्चों का फोटो बोर्ड को भेजना होगा
स्कूल प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान बच्चों के प्रत्येक बैच के अलग-अलग फोटो बोर्ड की ओर से उपलब्ध कराए गए लिंक पर अपलोड करेंगे। दरअसल, स्कूलों को परीक्षक के सामने प्रयोगशाला में प्रयोग करते हुए बच्चों का फोटो बोर्ड को भेजना है। जिसमें बाहरी परीक्षक, आंतरिक परीक्षक व पर्यवेक्षक भी दिखाई देंगे।
प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट व आंतरिक मूल्यांकन पूरा करने के बाद अंकों को बोर्ड की ओर से उपलब्ध कराए गए लिंक पर अपलोड करना होगा। स्कूल प्रैक्टिकल परीक्षा लेने व आंतरिक मूल्यांकन करने के बाद स्कूल उनके अंकों का खुलासा बच्चों के सामने नहीं करेंगे।