शिक्षिका आशा रानी ने कहा, "महोदय एक संस्कृत शिक्षिका होने के नाते मेरा यह सपना था, कि मैं बच्चों को भारत की उस संस्कृति से अवगत कराऊं, जो समस्त भारत का बोध कराती है, जिनके माध्यम से हम अपने मूल्यों जीवन आदर्शों का निर्धारण करत हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर बच्चों की रूचि संस्कृत में उत्तपन्न कर इसे नैतिक शिक्षा का आधार बनाया और विभिन्न श्लोकों के माध्यम से बच्चों को जीवन मूल्य सिखाने का प्रयास किया।"
पीएम ने कहा, "जब आप संस्कृत भाषा के प्रति उन्हें (छात्रों) आकर्षित करते हैं। उसके द्वारा उन्हें ज्ञान के भंडार के तरफ ले जाता है, जो हमारे देश में पहले से ही है।"
उन्होंने कहा, "वैदिक मैथमेटिक्स क्या है? क्या इस बारे में संस्कृत के टीचर होने के नाते, टीचर्स के कमरे में या टिचर्स के बीच में वैदिक मैथमेटिक्स पर चर्चा हुई है? अगर नहीं हुई तो करने की कोशिश करें।"
उन्होंने आगे कहा, ये आप सब को भी काम आ सकता है। वैदिक मैथमेटिक्स की तो ऑनलाइन क्लासेज भी चलती है। यूके में तो ऑलरेडी कुछ जगहों पर सिलेबस में वैदिक मैथमेटिक्स है। जिन बच्चों को मैथमेटिक्स में रूचि नहीं होती है, वे अगर थोड़ा-सा भी देखेंगे तो उन्हें लगेगा ये तो लॉजिकल है। ऐसे में उन्हें एकदम से सीखने का मन कर जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन शिक्षकों के साथ बातचीत के दौरान कहा, "हमारा ध्यान प्राकृतिक खेती पर है। जो लोग धरती माता को बचाना चाहते हैं वे चिंतित हैं। जिस तरह से हम धरती माता पर अत्याचार कर रहे हैं, उसे बचाना बहुत जरूरी हो गया है और उसके लिए प्राकृतिक खेती एक अच्छा समाधान प्रतीत होता है।