जीएसटी रिफॉर्म पर की खुलकर बात
पीएम मोदी कहा कि मैंने देशवासियों से वादा किया था कि इस दीवाली और छठ पूजा से पहले खुशियों का डबल धमाका होगा। उन्होंने आगे कहा, "कल भारत सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब GST और भी सरल हो गया है। 22 सितंबर को यानी नवरात्रि के पहले दिन, अगली पीढ़ी का सुधार लागू होगा क्योंकि ये सभी चीजें निश्चित रूप से 'मातृशक्ति' से जुड़ी हैं।"
नवरात्रि से ही देश के करोड़ों परिवारों की जो जरूरतें हैं, वो और सस्ती मिलनी शुरू हो जाएंगे। दर्जनों चीजों पर अब टैक्स बहुत ही कम हो गया है।
उन्होंने याद दिलाया कि 8 वर्ष पहले जब जीएसटी लागू हुआ था, तो कई दशकों का सपना साकार हुए था। यह आजाद भारत के सबसे बड़े आर्थिक सुधारों में से एक था। 21वीं सदी में आगे बढ़ते भारत में जीएसटी में भी रिफॉर्म की आवश्यकता थी।
जीएसटी रिफॉर्म से सभी को बहुत फायदा होने वाला है: मोदी
गरीब, न्यू मिडिल क्लास, मिडिल क्लास, किसान, महिलाएं, स्टूडेंट्स सभी को जीएसटी रिफॉर्म करने से फायदा होगा। पनीर से लेकर शैम्पू तक सबकुछ सस्ता हो जाएगा। स्कूटर-कार पर भी टैक्स कम हो गया है। इसका बहुत फायदा उन नौजवानों को होगा, जो अभी अपनी नौकरी शुरू कर रहे हैं।
टैक्स को लेकर कांग्रेस सरकार को घेरा
पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म के फायदों का अहसास आपको तब होगा, जब आप जीएसटी से पहले की टैक्स दरों को देखेंगे। साल 2014 से पहले करीब-करीब हर सामान पर उस समय की सरकार बड़ी मात्रा में टैक्स लेती थी। 2014 में मेरे आने से पहले रसोई, खेती, दवाईयां और यहां तक कि जीवन बीमा जैसी अनेक चीजों पर कांग्रेस सरकार अलग-अलग टैक्स लेती थी।
अगर आज वही दौर होता, तो आपको 100 रुपये में से 20-25 रुपया टैक्स में देना पड़ता। कांग्रेस की सरकार ने कैसे आपको मंथली बजट बढ़ाया हुआ था ये कोई भूल नहीं सकता। टूथपेस्ट, साबुन, हेयरऑयल पर 27 फीसदी टैक्स लिया जाता था। खाने की प्लेट, कप-प्लेट, चम्मच जैसे सामानों पर 18 से 28 प्रतिशत तक टैक्स लिया जाता था। रोजमर्रा की हर चीज पर कांग्रेस के जमाने में बहुत अधिक टैक्स लगता था। कांग्रेस बच्चों की टॉफी तक पर 21 प्रतिशत टैक्स लेती थी। भाजपा सरकार में हमारा जोर इस बात पर है कि परिवारों का खर्चा कम कैसे हो और बचत ज्यादा से ज्यादा हो।