Pariksha Pe Charcha 2026
- फोटो : पीटीआई
बेहतर गुणवत्ता वाले गेम चुनने की सलाह
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि गेमिंग में गति, सोच और रणनीति जैसी कई क्षमताएं विकसित होती हैं। उन्होंने छात्रों से बेहतर गुणवत्ता वाले गेम चुनने और उनमें अपनी विशेषज्ञता विकसित करने पर जोर दिया। उनके मुताबिक, अगर सही दिशा में मेहनत की जाए तो गेमिंग आत्म-विकास का एक अच्छा माध्यम बन सकती है।
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युवाओं को अपने समय का सही उपयोग करना चाहिए: पीएम
प्रधानमंत्री ने खास तौर पर उन गेम्स से सावधान रहने को कहा, जिनमें ऑनलाइन बेटिंग या जुआ शामिल होता है। उन्होंने बताया कि ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए कानून भी बनाए गए हैं और युवाओं को अपने समय का सही उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंटरनेट सस्ता होने का मतलब यह नहीं है कि समय बेवजह खर्च किया जाए।
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अपने जुनून को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाएं
एक छात्र के सवाल पर, जिसमें उसने पढ़ाई के दबाव के बीच गेमिंग में करियर बनाने की इच्छा जताई थी, पीएम मोदी ने कहा कि शुरुआत में परिवार या समाज नई चीजों को लेकर संदेह कर सकते हैं। लेकिन जब कोई व्यक्ति अपने क्षेत्र में सफलता हासिल करता है तो वही लोग उसकी उपलब्धियों पर गर्व भी करते हैं। इसलिए छात्रों को अपने जुनून को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए।
भारतीय संस्कृति पर गेम बनाने के लिए किया प्रेरित
प्रधानमंत्री ने छात्रों को भारतीय संस्कृति और कहानियों से प्रेरित गेम बनाने की भी सलाह दी। उन्होंने पंचतंत्र, भगवान हनुमान की कथाओं और अभिमन्यु के चक्रव्यूह जैसी कहानियों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत में गेम डेवलपमेंट के लिए बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्र अपने बनाए हुए गेम्स को सोशल मीडिया पर साझा करें, जिससे उन्हें पहचान मिल सके और आगे नए अवसर भी बनें।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि पढ़ाई और रुचियों के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि अगर छात्र सही दिशा में मेहनत करें और नैतिक मूल्यों का ध्यान रखें, तो गेमिंग जैसे क्षेत्र भी उज्ज्वल भविष्य का रास्ता खोल सकते हैं।