सीतारमण ने कहा, “उद्योगों को युवा प्रतिभाओं के लिए खिड़कियां खोलनी चाहिए, ताकि वे वास्तविक अनुभव प्राप्त कर सकें, कौशल विकसित कर सकें और रोजगार की संभावनाओं को समझ सकें।” उन्होंने सांसदों से भी अपील की कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों के युवाओं को इस स्कीम में शामिल होने के लिए प्रेरित करें।
सीतारमण ने कहा कि यह ऐप अब विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंच सके। साथ ही उन्होंने कहा कि हर भाषा को महत्व मिलना चाहिए, ताकि कोई भी युवा इस अवसर से वंचित न रहे।
स्कीम के अंतर्गत भारत सरकार ने 500 शीर्ष कंपनियों की पहचान की है, जो पिछले तीन वर्षों में औसतन सबसे अधिक कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) खर्च करने वाली कंपनियां हैं। इसके बावजूद, यह उम्मीद की जा रही है कि अन्य कंपनियां भी इस स्कीम में भाग लेंगी।
3 अक्टूबर को लॉन्च हुआ था प्रोग्राम
इस स्कीम का पायलट प्रोजेक्ट 3 अक्टूबर 2024 को लॉन्च किया गया था। पहले चरण में 1.27 लाख इंटर्नशिप अवसर प्रदान किए गए थे। इस वर्ष जनवरी में शुरू हुए दूसरे चरण में अब तक 327 कंपनियों के माध्यम से 1.18 लाख से अधिक इंटर्नशिप अवसर पोस्ट किए जा चुके हैं। दूसरे चरण के आवेदन की आखिरी तिथि 31 मार्च 2025 है।
पीएम इंटर्नशिप स्कीम के तहत प्रत्येक इंटर्न को 12 महीने के लिए हर महीने 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी और एक बार का 6,000 रुपये का अनुदान भी मिलेगा। यह स्कीम 2024-25 के केंद्रीय बजट में घोषित की गई थी और इसका उद्देश्य अगले पांच वर्षों में भारत की शीर्ष 500 कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करना है।