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Study Abroad: विदेश में पढ़ाई का सपना? विवि चुनने से पहले इन बातों पर जरूर करें गौर, नहीं तो हो सकता है नुकसान

Fri, 12 Jun 2026 10:07 AM IST
Shahin Praveen प्रवेंद्र सिंह बिरला, कॅरिअर एक्सपर्ट

सार

University Rankings: विदेश में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए सही विश्वविद्यालय का चयन करना बेहद महत्वपूर्ण है। प्रवेश लेने से पहले विश्वविद्यालय की रैंकिंग, फैकल्टी, शोध सुविधाएं, इंटर्नशिप के अवसर और प्लेसमेंट रिकॉर्ड जैसी बातों की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए।
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Study Abroad - फोटो : Freepik
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विस्तार
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Study Abroad Guide: आज शिक्षा केवल देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रही है। हर साल हजारों भारतीय छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाते हैं, क्योंकि वहां बेहतर शिक्षा, आधुनिक शिक्षण प्रणाली, शोध के अवसर और वैश्विक कॅरिअर की संभावनाएं मिलती हैं। हालांकि, विदेश में पढ़ाई का सपना पूरा करने के लिए सही योजना, उचित परीक्षा की तैयारी और आर्थिक व्यवस्था जरूरी है। सही मार्गदर्शन और स्पष्ट लक्ष्य के साथ विद्यार्थी अपने इस सपने को साकार कर सकते हैं और अपने कॅरिअर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

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प्रवेश की पहली शर्त भाषा दक्षता

अधिकांश विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए अंग्रेजी भाषा दक्षता का प्रमाण देना आवश्यक होता है। इसके लिए मुख्य परीक्षाएं आईईएलटीएस और टोफेल हैं, जो पढ़ने, लिखने, सुनने और बोलने की क्षमता का आकलन करती हैं। विद्यार्थियों को इन परीक्षाओं की तैयारी कम से कम तीन से छह महीने पहले शुरू कर देनी चाहिए।

कुछ पाठ्यक्रमों के लिए अतिरिक्त परीक्षाएं भी आवश्यक होती हैं। प्रबंधन कार्यक्रमों के लिए जीमैट और तकनीकी या शोध आधारित पाठ्यक्रमों के लिए जीआरई की आवश्यकता पड़ सकती है। वहीं चिकित्सा और विधि जैसे क्षेत्रों में अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं होती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर पात्रता और प्रवेश शर्तों की जानकारी अवश्य जांच लें।

विश्वविद्यालय और कोर्स का चयन

विदेशी शिक्षा का चयन केवल देश की लोकप्रियता के आधार पर नहीं होना चाहिए। छात्र को अपने रुचि क्षेत्र, कॅरिअर लक्ष्य और बजट के अनुसार विश्वविद्यालय चुनना चाहिए। विश्वविद्यालय की रैंकिंग, फैकल्टी, शोध सुविधाएं, इंटर्नशिप अवसर और प्लेसमेंट रिकॉर्ड जैसे पहलुओं का विश्लेषण करना आवश्यक है। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि बड़े शहरों में रहने का खर्च अधिक हो सकता है, जबकि छोटे शहरों में जीवनयापन अपेक्षाकृत सस्ता होता है।
  • केवल एजेंट पर निर्भर न रहें, स्वयं शोध करें।
  • फर्जी विश्वविद्यालयों से सावधान रहें।
  • आवेदन की समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें।
  • आर्थिक योजना पहले से तैयार करें।
  • दीर्घकालिक कॅरिअर लक्ष्य स्पष्ट रखें।
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सावधानी और समय-प्रबंधन

विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए समय पर आवेदन करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। आवेदन प्रक्रिया में स्टेटमेंट ऑफ पर्पज, लेटर ऑफ रिकमेंडेशन, शैक्षणिक अंकतालिकाएं, भाषा दक्षता परीक्षा का स्कोर और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज आवश्यक होते हैं। प्रवेश पत्र मिलने के बाद छात्र को स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन करना पड़ता है। कई देशों में पढ़ाई के दौरान सीमित समय तक पार्ट-टाइम काम करने की अनुमति भी होती है, जिससे छात्रों को अपने खर्चों में कुछ आर्थिक सहायता मिल जाती है।

छात्रवृत्तियों पर भी रखें नजर 

विदेश में शिक्षा अक्सर महंगी मानी जाती है, लेकिन विभिन्न छात्रवृत्तियां और वित्तीय सहायता योजनाएं इसे काफी हद तक आसान बना देती हैं। अमेरिका में फुलब्राइट-नेहरू फेलोशिप, ब्रिटेन में चेवेनिंग स्कॉलरशिप और विकासशील देशों के छात्रों के लिए कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप प्रमुख विकल्प हैं। इसके अलावा, कई विश्वविद्यालय मेरिट या आर्थिक जरूरत के आधार पर भी छात्रवृत्ति प्रदान करते हैं।
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