आठ सप्ताह का होगा पायलट प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आठ सप्ताह का होगा और इसमें उम्मीदवारों को अंग्रेजी दक्षता, व्यक्तिगत विकास, आत्म-सुधार और ग्रूमिंग, बुनियादी एविएशन ज्ञान, मानव प्रदर्शन और सीमाएं, मानसिक परीक्षण, समूह चर्चा और साक्षात्कार की तकनीकें सिखाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों को पोर्टेबल सिम्युलेटर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे उनकी हाथ-आंख-फुट समन्वय और स्थानिक उन्मुखीकरण में सुधार होगा।
यह कार्यक्रम छह घंटे के शिक्षण समय के साथ सप्ताह के पांच दिनों तक चलेगा, जिसमें आत्म-निर्देशित अध्ययन, कंप्यूटर आधारित प्रशिक्षण और मॉक परीक्षा शामिल होगी। प्रत्येक मॉड्यूल के पूरा होने के बाद नियमित मूल्यांकन किए जाएंगे और सप्ताहांत में उन छात्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जो पिछड़ गए हैं।
आठ सप्ताह के इस प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद, चयनित 50 छात्र निजी एयरलाइनों जैसे एयर इंडिया और इंडिगो द्वारा आयोजित अंतिम चयन राउंड में बैठेंगे। इन एयरलाइनों द्वारा अपने परीक्षणों के माध्यम से शीर्ष 10 छात्रों का चयन किया जाएगा और उन्हें पेशेवर पायलट बनाने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।