सार
केंद्र सरकार ने फार्मेसी अधिनियम 1948 और मौजूदा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) को भंग कर आयोग के गठन का फैसला किया है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में होगा। इससे पहले, 2019 में सरकार ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भंग कर एनएमसी का गठन किया गया था।
मेडिकल कॉलेजों के लिए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की तर्ज पर फार्मेसी कॉलेजों के लिए भी अलग से आयोग होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग विधेयक 2023 का मसौदा जारी कर इस पर जनता से सुझाव मांगे हैं। इस विधेयक के अनुसार सभी फार्मेसी कॉलेजों की रेटिंग की जाएगी। राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग के तहत एक मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड भी होगा, जिसकी मान्यता के बाद ही नए कॉलेज की स्थापना हो सकेगी।
केंद्र सरकार ने फार्मेसी अधिनियम 1948 और मौजूदा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) को भंग कर आयोग के गठन का फैसला किया है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में होगा। इससे पहले, 2019 में सरकार ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भंग कर एनएमसी का गठन किया गया था। इसी साल, अगस्त में राष्ट्रीय नर्सिंग और मिडवाइफरी आयोग विधेयक-2023 व राष्ट्रीय दंत चिकित्सा आयोग विधेयक-2023 भी संसद में पास हुआ।