पेपर लीक और डमी एडमिशन पर जताई चिंता
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि जिस तरह देश टीबी जैसी समस्याओं को खत्म करने के लिए प्रयास कर रहा है, उसी तरह पेपर लीक की समस्या को खत्म करने के लिए भी सभी को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों से लेकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों तक, सभी की इसमें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्कूलों में बढ़ रहे डमी एडमिशन के मामलों पर भी चिंता जताई। राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को ऐसे स्कूलों का डेटा जुटाने के निर्देश दिए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई की जा सके। वहीं, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (SSUN) के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि गरीब और वंचित लड़कियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना राष्ट्र निर्माण के लिए बेहद जरूरी है।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की वाइस-चांसलर डॉ. विमला डंकवाल ने कहा कि "नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है" और समावेशी विकास हासिल करने के लिए हर लड़की और महिला को अच्छी शिक्षा और हेल्थकेयर देने की जरूरत पर जोर दिया। नेशनल वुमन एक्शन कोऑर्डिनेटर डॉ. शोभा पैथनकर ने भी फास्ट फूड पर बढ़ती निर्भरता और सेहत पर इसके बुरे असर को लेकर चिंता जताई।