हालांकि माता-पिता उन्हें जज बनता हुआ देखना चाहते थे। उन्होंने करिश्मा को समझाया तो बेटी ने माता-पिता का सपना पूरा करने का संकल्प ले लिया। उन्होंने लॉ कॉलेज देहरादून से ग्रेजुएशन किया। 2015 में लॉ पूरा करने के बाद करिश्मा ने पहली बार पीसीएस (जे) की परीक्षा दी। बिना किसी तैयारी के दी परीक्षा में करिश्मा प्री से आगे नहीं बढ़ पाईं।
इसके बाद उन्होंने हल्द्वानी से कोचिंग शुरू की और 2017 में दोबारा परीक्षा दी। अपनी मेहनत के दम पर करिश्मा ने इस बार सफलता हासिल करते हुए प्रदेशभर में छठा स्थान हासिल कर लिया। करिश्मा ने कहा कि लॉ करने के दौरान भी कई बार उन्हें लगा कि फैशन डिजाइनिंग ही करनी चाहिए थी, लेकिन माता-पिता के सपने ने उन्हें विचलित नहीं होने दिया।
मां-पिता ने हिम्मत बंधाई तो करिश्मा दोगुने जोश से तैयारी में जुट गईं। उन्होंने बताया कि उनकी दीदी की शादी हो चुकी है, जो परिवार के साथ कनाडा में रहती हैं। आजकल उनके पिता भी दीदी के पास कनाडा में हैं।