शिक्षा मंत्रालय ने दिया ये जवाब
मंत्रालय ने यह भी बताया था कि यदि किसी वेंडर के खिलाफ शिकायत मिलती है, तो टेंडर और कार्य आदेश की शर्तों के आधार पर कार्रवाई की जाती है। इसमें भुगतान में कटौती से लेकर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने तक के कदम शामिल हो सकते हैं।
नीट यूजी 2024 पेपर लीक मामले पर मंत्रालय ने पहले जानकारी दी थी कि सीबीआई कथित साजिश, धोखाधड़ी और अन्य अनियमितताओं की व्यापक जांच कर रही है। 22 नवंबर 2024 तक एजेंसी इस मामले में 45 आरोपियों के खिलाफ पांच चार्जशीट दाखिल कर चुकी थी।
21 जून को होनी है पुनर्परीक्षा
इस वर्ष मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए नीट यूजी परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद एनटीए ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। फिलहाल मामले की जांच सीबीआई कर रही है और दोबारा परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है।
समिति मेडिकल कॉलेज घोटाले से जुड़े मामले पर भी अधिकारियों से जवाब तलब करेगी। इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अध्यक्ष अभिजात चंद्रकांत शेठ और CBI निदेशक भी शामिल होंगे।
राज्यसभा में जुलाई 2025 में दिए गए जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया था कि मेडिकल कॉलेजों में डमी फैकल्टी, फर्जी निरीक्षण और गलत मरीज रिकॉर्ड जैसे मामलों को लेकर सीबीआई ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नई दिल्ली में एफआईआर दर्ज की थी। मंत्रालय के अनुसार इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है।