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कटघरे में शिक्षा मंत्रालय: PAC ने कामकाज के तरीकों पर क्या सवाल उठाए? नौ साल से नहीं हुआ है परफॉर्मेंस का ऑडिट

Thu, 02 Jul 2026 03:11 PM IST
Akash Kumar एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Parliament Panel: संसद की लोक लेखा समिति (PAC) ने शिक्षा मंत्रालय की केंद्र योजनाओं की समीक्षा के दौरान परफॉर्मेंस ऑडिट नहीं होने पर नाराजगी जताई। समिति ने कहा कि शिक्षा जैसे अहम क्षेत्र का नियमित ऑडिट होना चाहिए।
 
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पीएसी ने की शिक्षा मंत्रालय की कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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Parliament Panel: संसद की लोक लेखा समिति (PAC) की बैठक बुधवार सुबह संसद भवन एनेक्सी (PHA) में हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने की। बैठक का एजेंडा शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और उच्च शिक्षा विभाग की केंद्र प्रायोजित कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना था।

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इस दौरान ऑडिट अधिकारियों ने समिति को जानकारी दी, जिसके बाद मंत्रालय के अधिकारियों से मौखिक साक्ष्य लिए गए।

9 साल तक नहीं हुआ परफॉर्मेंस ऑडिट

बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि समिति की सबसे बड़ी चिंता शिक्षा मंत्रालय में परफॉर्मेंस ऑडिट को लेकर रही।

उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग का आखिरी ऑडिट वर्ष 2017 में हुआ था, जबकि उससे पहले लगातार नौ वर्षों तक कोई परफॉर्मेंस ऑडिट नहीं किया गया।
 

समिति ने जताई कड़ी नाराजगी

के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि समिति ने इस स्थिति को पूरी तरह असंतोषजनक माना है। उनका कहना था कि शिक्षा देश के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है, इसलिए इसका नियमित और प्रभावी ऑडिट होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समिति के सभी सदस्यों ने एकमत से माना कि नौ वर्षों तक परफॉर्मेंस ऑडिट नहीं होना किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता।
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नियमित ऑडिट पर दिया जोर

समिति ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर परफॉर्मेंस ऑडिट कराना आवश्यक है। समिति ने इस मामले में अपनी नाराजगी दर्ज कराते हुए नियमित ऑडिट व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
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