पढ़ने के लिए मत पढ़ो, ज्ञान प्राप्त करने के लिए पढ़ो
अभिनेता विक्रांत मैसी ने कहा कि हमारे समय में इस तरह के प्रोग्राम्स नहीं होते थे, लेकिन पीएम मोदी की पहल के तहत आप लोग काफी खुशकिस्मत हैं। मैं एक औसत छात्र था, खेलकूद में ज्यादा दिलचस्पी थी, लेकिन जब परीक्षा का समय आता था, तो किताबें उठाना ही पड़ता था। मेरी डिश काट दी जाती थी। मैं अपने भतीजे-भतीजियों से हमेशा कहता हूं, "केवल पढ़ने के लिए मत पढ़ो, ज्ञान प्राप्त करने के लिए पढ़ो। खेलोगे तो खिलोगे।"
खुद से संवाद और मेनिफेस्टेशन की आदत डालें
उन्होंने आगे कहा कि अपने दिन में 10 मिनट निकालकर अपनी खुशियों, निराशाओं और लक्ष्यों को लिखें। यह खुद से बातचीत और मेनिफेस्टेशन का तरीका है। साथ ही बच्चों पर अनजाने में दबाव न डालें। उनकी क्षमता को पहचानें और नंबरों के अहंकार में न फंसें। हमेशा अपनी नजरें नीचे और सोच ऊपर रखें।
अच्छे मार्क्स पर अंहकर नहीं करें- विक्रांत मैसी
चर्चा के दौरान विक्रांत मैसी ने छात्रों को किताबों को केवल पढ़ने के बजाय उनका सही तरीके से विज़ुअलाइजेशन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अपने हर प्रयास को सम्मान देना बहुत जरूरी है। विक्रांत ने यह भी बताया कि जब नकारात्मक विचार आएं, तो उन्हें एक बलून में भरकर छोड़ देना चाहिए, ताकि वे हमें परेशान न करें। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप अच्छी नींद नहीं लेते हैं, तो आप संघर्षों का सामना कैसे कर पाएंगे? इसलिए आराम भी बहुत महत्वपूर्ण है।
विक्रांत ने छात्रों को यह समझाने की कोशिश की कि परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में सफल होने के लिए पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छे मार्क्स आने पर अहंकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि सच्ची सफलता विनम्रता में होती है।
परीक्षा का दबाव और माता-पिता की अपेक्षाएं
विक्रांत मैसी ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा, "परीक्षा का तनाव हमेशा मेरे लिए था, लेकिन मैंने इसे अपनी क्षमता साबित करने का अवसर माना। माता-पिता की सहमति से दबाव पैदा हो सकता है, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी मंजिल पर ध्यान केंद्रित करें और खुद पर विश्वास रखें।"
भूमि पेडनेकर ने भी परीक्षा के दौरान तनाव पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, "आजकल के विद्यार्थियों पर बहुत अधिक दबाव होता है, खासकर जब वे माता-पिता की अपेक्षाओं से बचते हैं। लेकिन हमें अपनी आवाज सुननी चाहिए, क्योंकि जब हम खुद पर विश्वास करते हैं, तो कोई भी परीक्षा मुश्किल नहीं लगती।"