छात्रों ने कानूनी मामला भी वापस लिया
विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा, "पंजाब विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन 2025-2026 सत्र के लिए प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रमों या कार्यक्रमों में नामांकित छात्रों के लिए हलफनामा/शपथपत्र की अनिवार्यता वापस लेने के विश्वविद्यालय के फैसले के बाद वापस ले लिया गया है।"
पीयू अधिकारियों ने कहा कि छात्रों के व्यापक हित में और परिसर में शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए इस मामले का समाधान कर लिया गया है।
बयान में कहा गया है कि आंदोलनकारी छात्र इस मुद्दे से संबंधित अपना कानूनी मामला वापस लेने पर भी सहमत हो गए हैं।
विरोध-नहीं-हलफनामा को अलोकतांत्रिक बताया
विश्वविद्यालय परिसर में रचनात्मक शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और विविध विचारों और मतों का सम्मान करते हुए खुले संवाद को प्रोत्साहित करता रहेगा।
"विरोध-नहीं-हलफनामा" की अनिवार्यता को वापस लेने की मांग को लेकर छात्रों ने पिछले सप्ताह अनिश्चितकालीन हड़ताल की थी।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने दावा किया था कि हलफनामे में छात्रों को यह घोषणा करने की आवश्यकता है कि वे परिसर में विरोध प्रदर्शनों में भाग नहीं लेंगे, और इसे "अलोकतांत्रिक" करार दिया था।