विशेषज्ञों के एक पैनल ने क्वॉलिटी शिक्षा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्रालय के मुफ्त ई-लर्निंग स्वयं प्लेटफॉर्म को एक वर्चुअल विश्वविद्यालय में अपग्रेड करने की सिफारिश की है।
आपको बता दें कि यह प्रस्ताव शिक्षा की एजुकेशन क्वॉलिटी अपग्रेडेशन एंड इनक्लूजन प्रोग्राम की पंचवर्षीय योजना का हिस्सा है। निति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, हसमुख अधिया और पूर्व-इसरो प्रमुख के. कस्तूरीरंगन जैसे विशेषज्ञों ने एचआरडी मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ मिलकर यह योजना तैयार की है।
पैनल ने उल्लेख किया है कि 10 मिलियन से अधिक लोगों ने Swayam के 2,000 बड़े ओपन ऑनलाइन पाठ्यक्रमों (एमओओसी) के लिए नामांकन किया है। बता दें कि एमओओसी एक ऑनलाइन कोर्स है।
जीडीसी के पूर्व सदस्य प्रोफेसर इंदर मोहन कपाही ने कहा कि “एमएचआरडी की एमओओसीएस और Swayam परियोजनाएं सफल हैं। वर्चुअल यूनिवर्सिटी का निर्माण एक प्राकृतिक प्रगति है। यह सभी महत्वपूर्ण मानदंडों जैसे क्वॉलिटी, एक्सेस और इनक्लूजन को संतुष्ट करता है।”
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