Indian students at Oxford: ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन के लिए रोड्स छात्रवृत्ति ट्रस्ट 2028 से भारतीय छात्रों के लिए छात्रवृत्तियों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहा है। ट्रस्ट के सीईओ सर रिचर्ड ट्रेनर के अनुसार, यह फैसला भारत की बड़ी आबादी को देखते हुए उनके लिए अवसर बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। फिलहाल भारत को केवल छह रोड्स छात्रवृत्तियां मिलती हैं।
भारतीय उम्मीदवारों को छह छात्रवृत्तियां सालाना
2026 शैक्षणिक सत्र के आवेदन शुरू होने से पहले भारत आए ट्रेनर ने बताया कि वर्तमान में भारतीय उम्मीदवारों को सालाना छह छात्रवृत्तियां दी जाती हैं। ट्रेनर रोड्स हाउस के अंतरिम वार्डन भी हैं। उन्होंने कहा, अब हमारी प्राथमिकता उन जगहों के लिए कुछ अतिरिक्त छात्रवृत्तियां देने की की है, जहां प्रति व्यक्ति छात्रों की संख्या अधिक हो सकती है और भारत उन जगहों में से एक है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट अतिरिक्त छात्रवृत्तियों के लिए पैसा इकट्ठा करने की कोशिशों में जुटा है। क्योंकि यह छात्रवृत्ति छात्रों की फीस और रहने का खर्च वहन करती है।
प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति भारत की ये शख्सियत कर चुकी हैं हासिल
भारत से अर्थशास्त्री मोंटेक सिंह अहलूवालिया, लेखक और अभिनेता गिरीश कर्नाड, पर्यावरण कानून विशेषज्ञ लावण्या राजमणि, राजनीतिक विश्लेषक महेश रंगराजन और ओलंपिक खिलाड़ी रंजीत भाटिया यह प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति हासिल कर चुके हैं।
दुनिया की सबसे पुरानी छात्रवृत्तियों में से एक
रोड्स छात्रवृत्ति के 2026 के शैक्षणिक सत्र के लिए आवेदन तीन जून से शुरू हो चुके हैं और 23 जुलाई तक खुले रहेंगे। 1903 से शुरू हुई यह दुनिया की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय ग्रेजुएट फेलोशिप्स छात्रवृत्तियों में से एक है। इसके तहत चुने गए होनहार छात्र ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में 2 से 3 साल की पढ़ाई कर सकते हैं। यह छात्रवृत्ति 18 से 23 वर्ष तक के छात्रों के लिए खुली होती है और विशेष मामलों में 27 वर्ष तक की उम्र वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं।
चीन-अफ्रीका भी ट्रस्ट के रडार पर
भारत के अलावा, छात्रवृत्ति की संख्या बढ़ाने के लिए चीन और अफ्रीका जैसे अन्य देश भी रोड्स छात्रवृत्ति ट्रस्ट के रडार पर हैं। वर्तमान में चीन के चार और अफ्रीका से 21 उम्मीदवारों को छात्रवृत्ति दी जाती है। ट्रस्ट का लक्ष्य 2028 से पहले इन देशों में छात्रवृत्तियों की संख्या में इजाफा करना है।