हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 14-18 आयु वर्ग के 25 प्रतिशत लोग अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में भी कक्षा-2 के स्तर के पाठ को भी अच्छे से नहीं पढ़ सकते हैं। इसके अलावा, रिपोर्ट में नामांकन में जेंडर डिफरेंस में अंतर बहुत कम बताया गया है।
इसमें कहा गया है, "अधिक उम्र वाले युवाओं के नामांकित न होने की संभावना अधिक है। नामांकित नहीं होने वाले युवाओं का प्रतिशत 14 साल के युवाओं के लिए 3.9 प्रतिशत और 18 साल के युवाओं के लिए 32.6 प्रतिशत है।"
पिछले साल की रिपोर्ट से पता चला है कि 6 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों का नामांकन स्तर 2010 में 96.6 प्रतिशत से बढ़कर 2014 में 96.7 प्रतिशत और 2018 में 97.2 प्रतिशत से बढ़कर 2022 में 98.4 प्रतिशत हो गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कक्षा 11-12 के 55 प्रतिशत से अधिक छात्र मानविकी को चुनते हैं, उसके बाद विज्ञान और वाणिज्य को चुनते हैं।
इसमें यह भी बताया गया कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को एसटीईएम (science, technology, engineering, mathematics) स्ट्रीम में नामांकित होने की संभावना कम है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में केवल 5.6 प्रतिशत युवा वर्तमान में व्यावसायिक प्रशिक्षण ले रहे हैं या अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में नामांकित हैं।