पंजीकृत बच्चों के बीच बीते दो साल में यह अनुपात 36.5 फीसदी से काफी तेजी से बढ़कर 61.8 फीसदी हो गया है। सरकारी और निजी दोनों तरह के स्कूलों में पंजीकृत छात्रों के परिवारों में प्रतिशत के मामले में समान वृद्धि हुई है।
इन राज्यों में स्मार्टफोन धारक परिवारों के बच्चों के अनुपात में वृद्धि
रिपोर्ट में उन राज्यों के बारे में भी बताया गया है जिनमें स्मार्टफोन धारक परिवारों के बच्चों के अनुपात में वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और त्रिपुरा ऐसे राज्य हैं, जहां स्मार्टफोन धारक परिवारों वाले बच्चों के अनुपात में 30 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई है।
इसे भी पढ़ें-किसी और ने दी परीक्षा और छात्र जेईई मेन में लाया 99 फीसदी नंबर, पुलिस कर रही है जांच
26 राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों में हुआ अध्ययन
यह अध्ययन 26 राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों में किया गया था। इस दौरान 52,227 परिवारों और पांच से 16 साल के आयुवर्ग के 59,251 बच्चों तथा प्राथमिक स्तर की शिक्षा प्रदान कर रहे 8,963 सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्राचार्यों से संपर्क किया गया था। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि निचले ग्रेड के बच्चों को उच्चतर ग्रेड के विद्यार्थियों की तुलना में अधिक पारिवारिक समर्थन मिलता है। इसी तरह, अधिक शिक्षित माता-पिता वाले बच्चों को कम शिक्षित माता-पिता की तुलना में ज्यादा परिवार का समर्थन प्राप्त होता है।