भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में 4,425 शिक्षण पद खाली हैं, जबकि 5,052 गैर-शिक्षण पद खाली हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी में 2,089 टीचिंग पोस्ट और 3,773 नॉन-टीचिंग पोस्ट खाली हैं। इसी तरह, भारतीय विज्ञान संस्थान और भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में रिक्त शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों की संख्या 353 और 625 है।
भारतीय प्रबंधन संस्थानों में 1,050 टीचिंग और नॉन-टीचिंग पद खाली हैं। सरकार ने कहा कि सेवानिवृत्ति, इस्तीफे, पदोन्नति और उन्नयन या नई धाराओं को मंजूरी देने के साथ-साथ छात्रों की संख्या में वृद्धि के कारण अतिरिक्त आवश्यकता के कारण रिक्तियां उत्पन्न होती हैं। सरकार ने कहा कि रिक्तियों को भरना एक सतत प्रक्रिया है और संबंधित संस्थान के प्रासंगिक भर्ती नियमों के प्रावधानों के अनुसार रिक्तियों को भरने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) द्वारा अस्थायी अवधि के लिए शिक्षकों को भी अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शिक्षण-सीखने की प्रक्रिया बाधित न हो। उन्होंने कहा कि फैकल्टी की कमी को पूरा करने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों में विजिटिंग या एडजंक्ट फैकल्टी, एमेरिटस प्रोफेसर की भर्ती और नियुक्ति का प्रावधान है।