रिपोर्ट में ये बातें आईं सामने
इस रिपोर्ट का शीर्षक है- “Future-Ready Campuses: Unlocking the Power of AI in Higher Education”। यह अध्ययन भारत के 30 प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों पर आधारित है, जिसमें एआई के उपयोग, नीतियों, पाठ्यक्रम नवाचार और फैकल्टी डेवलपमेंट की स्थिति का मूल्यांकन किया गया। रिपोर्ट में पाया गया कि-
- 56% संस्थान पहले से ही एआई-संबंधी नीतियां लागू कर चुके हैं।
- 40% संस्थान एआई-आधारित ट्यूटरिंग सिस्टम और चैटबॉट्स का उपयोग कर रहे हैं।
- 39% ने एडेप्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म शुरू किए हैं।
- 38% संस्थान स्वचालित ग्रेडिंग (Automated Grading) के लिए एआई का उपयोग कर रहे हैं।
रिपोर्ट कहती है, "कम से कम 60% संस्थान छात्रों को एआई टूल्स के उपयोग की अनुमति दे रहे हैं। यह दर्शाता है कि एआई अब पाठ्यक्रम डिजाइन, मूल्यांकन प्रणाली और शिक्षण रणनीतियों का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।"
एआई के प्रमुख उपयोग
रिपोर्ट में बताया गया है कि शिक्षण और अधिगम के क्षेत्र में एआई का उपयोग इन प्रमुख कार्यों में किया जा रहा है -
- एडेप्टिव ट्यूटरिंग और पर्सनलाइज्ड लर्निंग सिस्टम
- ऑटोमेटेड ग्रेडिंग और प्लेजरिज्म डिटेक्शन
- करिकुलम डिजाइन और करियर गाइडेंस
- एआई-पावर्ड चैटबॉट्स और कंटेंट जनरेशन टूल्स
डेटा सुरक्षा पर चिंता
रिपोर्ट ने यह भी चेताया कि एआई टूल्स का उपयोग डेटा गवर्नेंस और गोपनीयता से जुड़ी गंभीर चिंताएं भी पैदा करता है। कई प्लेटफॉर्म छात्रों की सबमिशन, एंगेजमेंट पैटर्न या बायोमेट्रिक जानकारी पर निर्भर करते हैं, जिससे गोपनीयता भंग होने और डेटा लीक का खतरा बढ़ता है।
रिपोर्ट के अनुसार, "इन जोखिमों से निपटने के लिए संस्थानों को मजबूत डेटा प्रोटेक्शन नीतियां, तकनीकी सेवा प्रदाताओं के साथ स्पष्ट अनुबंध और केंद्रीकृत निगरानी व्यवस्था अपनानी चाहिए।"
एआई साक्षरता की आवश्यकता
रिपोर्ट में यह सिफारिश की गई है कि सभी पाठ्यक्रमों में ‘एआई साक्षरता (AI Literacy)’ को शामिल किया जाए, ताकि प्रत्येक छात्र बुनियादी एआई सिद्धांतों, डिजिटल कौशल, नैतिक पहलुओं और व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझ सके।
STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित) विषयों में छात्रों को मशीन लर्निंग, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और रोबोटिक्स जैसी उन्नत एआई अवधारणाओं को भी सिखाया जाना चाहिए, ताकि वे तकनीकी विशेषज्ञता हासिल कर सकें।
भारत के लिए आगे का रास्ता
EY-FICCI रिपोर्ट की पार्टनर अवंतिका तोमर के अनुसार, "AI की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए भारत को प्रयोगों से आगे बढ़कर एआई टूल्स को शिक्षण और संचालन के हर स्तर पर शामिल करना होगा। साथ ही मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी प्रशिक्षण और गवर्नेंस फ्रेमवर्क विकसित करने की आवश्यकता है।"