मुफ्त शिक्षा से बढ़ेगा नामांकन और घटेगी ड्रॉपआउट दर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा में पहले से ही 8वीं कक्षा तक की शिक्षा मुफ़्त है, इसलिए इस पहल से मुफ्त शिक्षा का दायरा PG लेवल तक बढ़ जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस स्कीम में सेल्फ-फाइनेंसिंग कोर्स या संस्थान, बिना सरकारी मदद वाले संस्थान, PPP-मोड वाले संस्थान और प्रोफेशनल व टेक्निकल कोर्स शामिल नहीं होंगे।
माझी ने कहा कि इस स्कीम का मकसद यह पक्का करना है कि कोई भी काबिल छात्र पैसों की कमी की वजह से शिक्षा से वंचित न रहे और इससे आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े परिवारों पर बोझ कम करने में मदद मिलेगी। उम्मीद है कि इस कदम से एनरोलमेंट और रिटेंशन बेहतर होगा और ड्रॉपआउट रेट कम होगा, साथ ही ज्यादा छात्र हायर एजुकेशन हासिल कर सकेंगे।
5,467 करोड़ की योजना, 32 लाख छात्रों को लाभ
माझी के मुताबिक, कैबिनेट ने इस स्कीम को लागू करने के लिए पहले साल में 895.57 करोड़ रुपये और पांच साल की अवधि में 5,467.55 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च को मंज़ूरी दी है। इस फ़ैसले से स्कूल और मास एजुकेशन और हायर एजुकेशन विभागों के तहत आने वाले सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के लगभग 32 लाख छात्रों को फायदा होगा।