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Odisha: ओडिशा के 32 लाख छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त पढ़ाई, पांच साल में 5,467 करोड़ खर्च करेगी सरकार

Thu, 02 Jul 2026 10:39 AM IST
Shahin Praveen पीटीआई, भुवनेश्वर

सार

Odisha Free Education: ओडिशा सरकार ने अगले पांच वर्षों तक KG से PG तक मुफ्त शिक्षा देने का फैसला किया है। इस योजना से करीब 32 लाख छात्रों को लाभ मिलेगा, जबकि सरकार इस पर  5,467 करोड़ खर्च करेगी।
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ओडिशा अगले पांच वर्षों में केजी से लेकर पीजी तक मुफ्त शिक्षा - फोटो : AI
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विस्तार
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Odisha Education: ओडिशा कैबिनेट ने बुधवार को राज्य के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में किंडरगार्टन (KG) से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएट (PG) स्तर तक मुफ्त शिक्षा देने की योजना को मंजूरी दे दी।मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मीडिया को बताया कि राज्य कैबिनेट ने 'ज्ञानोदय-शिक्षासु समृद्धि: KG से PG तक मुफ्त शिक्षा' योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से लागू होगी, जिसके तहत छात्रों को KG से लेकर PG तक मुफ्त शिक्षा मिलेगी।

सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों में एडमिशन फीस होगी माफ

उन्होंने इस फैसले को देश में "ऐतिहासिक" और "अपनी तरह का पहला" बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत, सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में रेगुलर कोर्स में दाखिला लेने वाले योग्य छात्रों की एडमिशन फीस पूरी तरह माफ कर दी जाएगी।

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उन्होंने बताया कि इस योजना में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों की 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्र, साथ ही राज्य के पब्लिक विश्वविद्यालयों, सरकारी कॉलेजों और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में अंडर-ग्रेजुएट (UG) और पोस्ट-ग्रेजुएट (PG) प्रोग्राम करने वाले छात्र शामिल होंगे।

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मुफ्त शिक्षा से बढ़ेगा नामांकन और घटेगी ड्रॉपआउट दर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा में पहले से ही 8वीं कक्षा तक की शिक्षा मुफ़्त है, इसलिए इस पहल से मुफ्त शिक्षा का दायरा PG लेवल तक बढ़ जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस स्कीम में सेल्फ-फाइनेंसिंग कोर्स या संस्थान, बिना सरकारी मदद वाले संस्थान, PPP-मोड वाले संस्थान और प्रोफेशनल व टेक्निकल कोर्स शामिल नहीं होंगे। 

माझी ने कहा कि इस स्कीम का मकसद यह पक्का करना है कि कोई भी काबिल छात्र पैसों की कमी की वजह से शिक्षा से वंचित न रहे और इससे आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े परिवारों पर बोझ कम करने में मदद मिलेगी। उम्मीद है कि इस कदम से एनरोलमेंट और रिटेंशन बेहतर होगा और ड्रॉपआउट रेट कम होगा, साथ ही ज्यादा छात्र हायर एजुकेशन हासिल कर सकेंगे।

5,467 करोड़ की योजना, 32 लाख छात्रों को लाभ

माझी के मुताबिक, कैबिनेट ने इस स्कीम को लागू करने के लिए पहले साल में 895.57 करोड़ रुपये और पांच साल की अवधि में 5,467.55 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च को मंज़ूरी दी है। इस फ़ैसले से स्कूल और मास एजुकेशन और हायर एजुकेशन विभागों के तहत आने वाले सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के लगभग 32 लाख छात्रों को फायदा होगा।
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