Odisha Exam: ओडिशा के उच्च शिक्षा मंत्री सुर्यवंशी सूरज ने सोमवार को कहा कि हाल ही में आयोजित ओडिशा सिविल सेवा (OCS) मेन परीक्षा 2023 और ओडिशा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (OSSC) की संयुक्त भर्ती मेन परीक्षा में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सिविल सेवा परीक्षा में उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि एंथ्रोपोलॉजी पेपर-I के प्रश्न पेपर-II से लिए गए थे और पेपर-II के प्रश्न पेपर-I से। वहीं, ओएसएससी परीक्षा में उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि सामान्य अंग्रेजी, ओडिया भाषा और सामान्य अध्ययन के कुछ महत्वपूर्ण भाग प्रश्न पत्र में शामिल नहीं थे।
आयोग ने स्वीकार ली अपनी गलती
सार्वजनिक नोटिस में ओपीएससी ने कहा कि उसने पाया है कि मानव विज्ञान, पेपर-1 की प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में मानव विज्ञान पेपर-2 के पाठ्यक्रम से प्रश्न और पेपर-1 के पेपर-2 के प्रश्न शामिल हैं। ओएसएससी ने कहा, "आयोग इस गलती को स्वीकार करता है और खेद व्यक्त करता है, तथा सुधारात्मक उपाय करने के लिए प्रतिबद्ध है। आयोग शेष बचे भागों, सामान्य अंग्रेजी, ओडिया भाषा, सामान्य अध्ययन के भागों को शामिल करते हुए एक और परीक्षा आयोजित करने के विकल्प पर विचार कर रहा है।"
मंत्री सुर्यवंशी सूरज ने कहा कि इन परीक्षाओं के आयोजन से जुड़े संबंधित विभाग इन गड़बड़ियों की जांच करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में विधानसभा में एक विधेयक पारित किया है, जिसमें परीक्षा संबंधित गड़बड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के प्रावधान हैं।
मंत्री ने आश्वासन दिया कि जांच में दोषी पाए गए व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, कई नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों ने सोमवार को OSSC कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया, जिसमें ट्रैफिक और उत्पाद शुल्क पदों के लिए भर्ती परीक्षा की पुनः परीक्षा की मांग की।