छात्रों का गुस्सा और विरोध
कुछ छात्र इतने परेशान हो गए कि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठा सकते हैं। समृद्धि कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज के छात्रों ने नांदेड़ में पुलिस उपाधीक्षक (DYSP) कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
कॉलेज पर धोखाधड़ी के आरोप
पुलिस अधिकारी के अनुसार, कॉलेज ने 2021 में दाखिला लेने वाले करीब 400 छात्रों को यह कहकर एडमिशन दिया था कि उनका डिप्लोमा कोर्स तीन साल में पूरा होगा। इसी आधार पर उनसे पूरी फीस भी वसूली गई। लेकिन जब परीक्षा का समय आया, तो उन्हें पड़ोसी राज्य कर्नाटक के बेंगलुरु, बीदर और हुमनाबाद भेजा गया। वहां पहुंचने पर बताया गया कि परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं और उन्हें बिना परीक्षा दिए वापस भेज दिया गया।
कॉलेज प्रबंधन पर उठे सवाल
छात्रों का आरोप है कि कॉलेज जानबूझकर परीक्षा आयोजित नहीं कर रहा है। इस अनिश्चितता के कारण वे पुलिस तक पहुंचने को मजबूर हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत को आगे की जांच के लिए संबंधित थाने भेज दिया है।
एक छात्र ने बताया, "बीते दो वर्षों में इस कॉलेज से एक भी छात्र पास नहीं हुआ है। इसमें कुछ प्रभावशाली लोग शामिल हो सकते हैं। अगर जरूरत पड़ी, तो हम उनके नाम उजागर करेंगे।"
जल्द कार्रवाई की मांग
एक अन्य छात्र ने मीडिया को बताया, "हम पिछले 8-10 दिनों से DYSP कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार हमें इंतजार करने के लिए कहा जाता है। अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हम चाहते हैं कि जल्द कार्रवाई हो, वरना हम मजबूरन कठोर कदम उठाने पर विचार करेंगे।"
पुलिस का बयान
जब इस मामले पर देग्लूर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया, "हमें आज ही शिकायत मिली है और इस पर जांच शुरू कर दी गई है।"