नैसकॉम द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट से पता चलता है कि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट इंडस्ट्री 2025 तक 300-350 बिलियन डॉलर की हो जाएगी। हालांकि, यह बड़ा आंकड़ा केवल एक तकनीकी वर्कफोर्स का उपयोग करके ही हासिल किया जा सकता है।
इस दृष्टिकोण का सम्मान करते हुए और बीते जुलाई में तकनीकी उद्योग में बढ़ती मांग को देखते हुए तकनीकी-प्रथम भविष्य के वर्कफोर्स बनाने की इस यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई। 31 जुलाई 2023 को एक प्रमुख एडटेक संस्थान, आल्माबेटर ने अपनी नई टेक एजुकेशन विंग, आल्माबेटर इनोवर्सिटी को लॉन्च किया।
डेटा साइंस और डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे चार विशेष पाठ्यक्रमों के साथ कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स डिग्री की पेशकश करते हुए आल्माबेटर इनोवर्सिटी को देश भर के शिक्षार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा से युक्त करने के लक्ष्य के साथ लॉन्च किया गया था।
आल्माबेटर इनोवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस मास्टर प्रोग्राम को एक वैश्विक कॉलेजिएट उच्च शिक्षा संस्थान वुल्फ, यूएसए और ई एंड सी टी अकादमी, आईआईटी गुवाहाटी के सहयोग से डिजाइन किया गया है। वर्तमान उद्योग के संचालन में नए युग और एआई टेक्नोलॉजी के समावेश पर ध्यान दिया जा रहा है। इसलिए इन पाठ्यक्रमों को पोस्ट-चैटजेपीटी युग के लिए फिर से तैयार किया गया है। इसके पीछे का दृष्टिकोण देश भर के शिक्षार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा को लोकतांत्रिक बनाना और उन्हें वर्तमान उद्योग की मांगों को ध्यान में रखते हुए तैयार करना है।
आल्माबेटर के सीईओ और को-फाउंडर शिवम् दत्ता का कहना है, 'जैसे-जैसे हम तकनीक और डेटा से संचालित होने वाले देश की ओर बढ़ रहे हैं, भविष्य में तकनीकी पेशेवरों को विकासित करने और देश में तकनीकी प्रगति में से योगदान करने वाले प्रतिभागियों को तैयार करने का कार्यभार शिक्षा प्रदाताओं पर ही है। साथ ही ये बात भी गौर करने वाली है कि कंपनी ने टॉप एक प्रतिशत जाने माने मेंटर्स और शिक्षकों के सहयोग से देशभर के सभी तकनीकी आकांक्षाओं को पूरा करने वाले तकनीकी शिक्षा अनुभव और एआई-संचालन स्किल्स को सीखने के लिए 50 करोड़ रुपये का फंड प्राप्त किया है। आल्माबेटर की मास्टर इन कम्प्यूटर साइंस की डिग्री का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नए जमाने के तकनीकी जॉब्स और शानदार करियर बनाने के लिए तैयार करना है।'
15 महीने में पूरा होने वाला यह मास्टर डिग्री पाठ्यक्रम तीन भागों में विभाजित है- एक फाउंडेशनल पाठ्यक्रम, एक स्पेशलाइजेशन पाठ्यक्रम और एक इंडस्ट्री इमर्शन पाठ्यक्रम।
फाउंडेशनल पाठ्यक्रमों में, शिक्षार्थियों को उन्नत सिद्धांतों के साथ-साथ उद्योग से संबंधित नए युग के कांसेप्ट भी पढ़ाए जाएंगे। स्पेशलाइजेशन पाठ्यक्रम के शिक्षार्थियों को अपनी पसंद के क्षेत्र का चयन करना और संबंधित कौशल प्राप्त करने की सुविधा होती है। इंडस्ट्री इमर्शन पाठ्यक्रम में, शिक्षार्थी अपनी पसंद के उद्योग क्षेत्र में एक व्यापक प्रोजेक्ट पर काम करके अपने कुशल कौशल को निखारने का कार्य करेंगे।
आल्माबेटर के सीओओ और आल्माबेटर इनोवर्सिटी के डीन, आलोक आनंद ने कहा, "हम आज के तकनीकी आकांक्षियों के सिद्धांतों को महत्व देते हैं और इसलिए हमने एक पाठ्यक्रम बनाया है जो स्किल गैप को दूर करने और शिक्षार्थियों को एक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त मास्टर डिग्री प्रदान करने में मदद करता है। साथ हमारा लक्ष्य है कि अप्रैल 2024 तक कम से कम 5000 शिक्षार्थियों को हमारे कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री के जरिए वैश्विक स्तर पर ऊपर उठने में सक्षम बनाना है।"
आल्माबेटर इनोवर्सिटी की नई पेशकशों के अलावा, आल्माबेटर एक बूटकैंप
web development course और एक full stack
data science courseभी प्रदान करता है। साथ ही वह अधिक कार्यक्रम जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने संस्थान की पेशकश का विस्तार करने की योजना बना रहा है।