आर्या सिंह के मामले में NTA ने क्या कहा?
एनटीए के अनुसार, आर्या सिंह (Application No. 260410434102) की मूल ओएमआर शीट एजेंसी के रिकॉर्ड में सुरक्षित है। ओएमआर रिस्पॉन्स की (Response Key) चुनौती अवधि के दौरान यह शीट उनके पंजीकृत ई-मेल पते पर भी भेजी गई थी।
एजेंसी का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही ओएमआर शीट उसी मूल शीट का डिजिटल रूप से बदली गई है। इसमें एक कक्ष निरीक्षक के हस्ताक्षर का समय मूल शीट में 3:45 बजे था, जिसे बदलकर 2:45 बजे कर दिया गया। एनटीए ने दावा किया कि वायरल ओएमआर में डिजिटल बदलाव के कई अन्य संकेत भी मिले हैं। एनटीए ने स्पष्ट किया कि आर्या सिंह के 167 अंक सही हैं और परिणाम में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं है।

लक्ष्य सिंह के दावे पर क्या मिला?
लक्ष्य सिंह (Application No. 260412053016) के मामले में एनटीए ने कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद मूल ओएमआर शीट और उम्मीदवार को ई-मेल की गई ओएमआर एक जैसी हैं।
एजेंसी के अनुसार, वायरल ओएमआर में कई ऐसे उत्तरों के गोले (बबल) भरे हुए दिखाए गए हैं, जो वास्तविक ओएमआर में मौजूद ही नहीं हैं। जांच में पाया गया कि अतिरिक्त उत्तर डिजिटल माध्यम से जोड़े गए हैं।
एनटीए ने बताया कि 180 प्रश्नों में से लक्ष्य सिंह ने 54 प्रश्न हल किए, जिनमें 34 सही और 20 गलत थे, जबकि 126 प्रश्न बिना उत्तर के छोड़े गए थे। उनका 116 अंकों का परिणाम सही पाया गया।

अभय यादव के दावे को भी एनटीए ने खारिज किया
अभय यादव (Application No. 260411367191) के मामले में भी एनटीए ने रिकॉर्ड की जांच की। एजेंसी के अनुसार, अभ्यर्थी ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि उन्होंने केवल 5 प्रश्न छोड़े थे और उनका परिणाम 634 अंक होना चाहिए था।
हालांकि एनटीए ने कहा कि रिकॉर्ड इसके विपरीत है। वास्तविक ओएमआर के अनुसार अभय यादव ने 44 प्रश्न बिना उत्तर के छोड़े थे। एजेंसी के रिकॉर्ड में मौजूद ओएमआर और अंक गणना पूरी तरह एक-दूसरे से मेल खाते हैं। एनटीए ने दोहराया कि अभय यादव के 164 अंक सही हैं और परिणाम में कोई गलती नहीं है।

प्रतिभा त्रिवेदी की वायरल OMR पर भी सफाई
प्रतिभा त्रिवेदी (Application No. 260412140662) के मामले में एनटीए ने कहा कि उनके रिकॉर्ड में मौजूद मूल ओएमआर शीट सुरक्षित है और उसे भी निर्धारित समय पर अभ्यर्थी के पंजीकृत ई-मेल पर भेजा गया था।
एजेंसी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर प्रसारित ओएमआर शीट वास्तविक शीट का डिजिटल रूप से बदला गया संस्करण है। यह एनटीए के रिकॉर्ड में मौजूद ओएमआर नहीं है और इसमें व्यापक स्तर पर डिजिटल बदलाव किए गए हैं। एनटीए ने बताया कि प्रतिभा त्रिवेदी के 38 अंक सही हैं और परिणाम यथावत रहेगा।

अवनीश श्रीवास्तव के मामले में क्या मिला?
अवनीश श्रीवास्तव (Application No. 260411198880, Roll No. 2001805051) के मामले में एनटीए ने कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद मूल ओएमआर शीट पर अभ्यर्थी का सही नाम, पिता का नाम मुकेश कुमार, माता का नाम रेखा कुमारी, हस्ताक्षर, अंगूठे का निशान और कक्ष निरीक्षकों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
एजेंसी के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल ओएमआर शीट एनटीए द्वारा जारी की गई शीट नहीं है। उसमें "अजीत सिंह, पिता श्री लखन सिंह और माता श्रीमती रीना सिंह" नाम दर्ज किया गया है। एनटीए ने स्पष्ट किया कि इस नाम और अभिभावकों के विवरण वाला कोई भी अभ्यर्थी NEET UG 2026 के डेटाबेस में पंजीकृत नहीं है।
एनटीए का कहना है कि वायरल दस्तावेज वास्तव में अवनीश श्रीवास्तव की मूल ओएमआर का डिजिटल रूप से दोबारा तैयार किया गया संस्करण है। इसमें पहचान संबंधी जानकारी बदल दी गई है और ओएमआर के मुद्रित हिस्से को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) या ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR) आधारित तकनीक से दोबारा तैयार किया गया है। इस प्रक्रिया के कारण कई स्पष्ट त्रुटियां भी दिखाई देती हैं, जिन्हें केवल पेन से नहीं बदला जा सकता। एजेंसी ने कहा कि अवनीश श्रीवास्तव की मूल ओएमआर का सही मूल्यांकन किया गया है और उनके 337 अंक सही हैं।

फर्जी ओएमआर बनाना या फैलाना अपराध
एनटीए ने सभी मामलों में दोहराया है कि फर्जी ओएमआर उत्तर पुस्तिका तैयार करना, उसे डिजिटल रूप से बदलना, प्रसारित करना या सार्वजनिक परीक्षा के रिकॉर्ड के विपरीत दावे करना लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत दंडनीय अपराध है।
एजेंसी ने अभ्यर्थियों और आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अप्रमाणित दस्तावेजों और भ्रामक दावों पर विश्वास न करें। NEET UG 2026 से जुड़ी आधिकारिक जानकारी केवल एनटीए द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना और आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ही मान्य होगी।