केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "...एनटीए में सुधार के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। एक्शन टेकन रिपोर्ट के तहत इसे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने रिपोर्ट प्रस्तुत कुछ मुख्य बिंदुओं साझा करते हुए कहा," 2013-14 से ज्यादा स्कूल अभी 2023-24 में है। स्कूल में बिजली का जिक्र करते हुए कहा, कि पहले 53% स्कूलों में बिजली थी लेकिन अब 91.8% स्कूलों में बिजली है..."
प्रधान ने कहा, "अगले शैक्षणिक वर्ष में एनसीईआरटी 15 करोड़ गुणवत्तापूर्ण और सस्ती किताबें प्रकाशित करेगी... अगले शैक्षणिक वर्ष में छात्रों पर कोई वित्तीय बोझ नहीं होगा, बल्कि कुछ कक्षाओं में इसे कम किया जाएगा।"
उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी ने इन प्लेटफार्मों पर एमआरपी पर अपनी किताबें बेचने के लिए अमेजन और फ्लिपकार्ट के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
"4 दिसंबर 2024 तक, 23 लाख के विशाल नमूना आकार, 87 हजार से अधिक स्कूलों का एनएएस के तहत सर्वेक्षण किया गया है।"
प्रधान ने आगे कहा, "एनएएस के तहत जिला स्तर पर एक और सर्वेक्षण किया जाएगा, जो हमें उनके सीखने के परिणाम और शैक्षणिक स्थिति को समझने में मदद करेगा।"
यह भी पढ़ें: एबीवीपी ने यूजीसी से उच्च शिक्षा में सुधार का किया आग्रह, परिषद ने फेलोशिप में बढ़ोतरी की मांग की
हाल में ही, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष प्रो एम जगदीश कुमार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उच्च शिक्षा और छात्रों से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर प्रकाश डाला गया, जिसमें 'फेलोशिप' में वृद्धि और कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के केंद्रीकरण की मांग शामिल है।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ज्ञापन में छात्रवृत्ति, फेलोशिप, प्रवेश परीक्षा, शिक्षा का व्यावसायीकरण, छात्र संघ चुनाव और विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक सुधार जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर ध्यान केंद्रित किया गया।