नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले एक कॉलेज का नाम दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर रखा जाएं।
एनएसयूआई ने यह भी मांग की है कि एक केंद्रीय विश्वविद्यालय का नाम डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर रखा जाएं और पाठ्यक्रम में उनकी जीवन यात्रा को भी शामिल किया जाएं।
एनएसयूआई का कहना है कि, आप दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत वीर सावरकर के नाम पर कॉलेज का उद्घाटन करने के लिए तैयार हैं, तो एनएसयूआई दृढ़ता से मांग करती है कि इस संस्थान का नाम पूर्व प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर रखा जाएं। उनके हालिया निधन ने एक गहरी रिक्तता छोड़ दी है और उनकी विरासत के लिए सबसे उपयुक्त श्रद्धांजलि उनके नाम पर प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को समर्पित करना होगा।
एनएसयूआई ने उनके योगदन के बारें में बताते हुए कहा कि, केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2000, एनटीई अधिनियम 2000 सहित डॉ. सिंगिन के महत्वपूर्ण योगदान ने पूरे भारत में जेआईटीएस, आईएम, एएमआर और केंद्रीय विश्वविद्यालयों का एक नेटवर्क स्थापित किया। इन नवाचारों ने देश की शिक्षा प्रणाली में क्रांति ला दी, जिससे लाखों लोगों को लाभ हुआ।
एनएसयूआई की मांगें
1. दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत एक विश्व स्तरीय कॉलेज का नाम डॉ. मनमोहन सिंह जी के नाम पर रखा जाएं।
2. उनके नाम पर समर्पित एक केंद्रीय विश्वविद्यालय।
3. विभाजन के बाद एक छात्र से एक वैश्विक आइकन तक की उनकी जीवन यात्रा को शैक्षणिक पाठ्यक्रम और राजनीतिक क्षेत्र में शामिल करना।
एक विद्वान, अर्थशास्त्री और लोक सेवक के रूप में डॉ. सिंह की विरासत लचीलापन, प्रतिभा और देश के कल्याण के प्रति समर्पण का प्रतीक है।