मेरिट और वेलफेयर स्कॉलरशिप दोनों का लाभ मिल सकेगा
अब अगर किसी छात्र को पहले से कल्याण-आधारित स्कॉलरशिप मिल रही है और बाद में वह मेरिट-आधारित स्कॉलरशिप के लिए भी योग्य हो जाता है, तो उसे मेरिट स्कॉलरशिप देने से मना नहीं किया जाएगा। इसी तरह, मेरिट स्कॉलरशिप पाने वाला छात्र अगर कल्याण-आधारित स्कॉलरशिप के लिए पात्र होता है, तो उसे भी केवल इस वजह से रोका नहीं जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया में भी बदलाव
आवेदन जमा करते समय
- पहली बार आवेदन में दी गई सामान्य जानकारी सुरक्षित रहेगी और आगे के आवेदनों में दोबारा इस्तेमाल होगी।
- बाद में किसी दूसरी योजना के लिए आवेदन करने पर छात्र को सिर्फ उस योजना से जुड़ी जानकारी भरनी होगी और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
- अगर आवेदन में कोई कमी पाई जाती है, तो छात्र केवल योजना से जुड़ी जानकारी में बदलाव कर सकेगा।
- सामान्य, शैक्षणिक, संस्थान या कोर्स से जुड़ी जानकारी बदलने के लिए पहले जमा किए गए सभी आवेदन वापस लेने होंगे।
L1 वेरिफिकेशन के दौरान
- पहले आवेदन के वेरिफिकेशन में अपडेट की गई ट्यूशन फीस, एडमिशन फीस और अन्य नॉन-रिफंडेबल फीस की जानकारी बाद के आवेदनों में अपने आप भर जाएगी।
- संबंधित अधिकारी को छात्र के सभी आवेदनों और उनके स्टेटस की जानकारी दिखाई देगी।
- आवेदन में कमी होने पर उसे दो कैटेगरी में बांटा जाएगा-योजना से जुड़ी कमी और सामान्य/शैक्षणिक जानकारी से जुड़ी कमी।
L2 वेरिफिकेशन के दौरान
- संबंधित L2 नोडल अधिकारियों को छात्र के सभी आवेदनों और उनके स्टेटस की जानकारी एक साथ दिखाई देगी।
- इससे एक छात्र द्वारा अलग-अलग कैटेगरी की स्कॉलरशिप के लिए किए गए कई आवेदनों की जांच में एकरूपता आएगी।
- उदाहरण के लिए, अगर छात्र ने एक वेलफेयर-बेस्ड और एक मेरिट-बेस्ड स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया है, तो दोनों योजनाओं के संबंधित अधिकारियों को दूसरे आवेदन की जानकारी भी दिखाई देगी।
- अगर किसी आवेदन में सामान्य या शैक्षणिक जानकारी से जुड़ी कमी मिलती है, तो छात्र के बाकी सभी आवेदन अपने आप 'रेड फ्लैग' कैटेगरी में चले जाएंगे।