दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2019-20 में बीए प्रोग्राम के बेस्ट फॉर विषयों के फॉमूले में बदलाव देखने को मिलेगा। इस बार विद्यार्थी दाखिले के लिए बेस्ट फॉर विषयों में दो भाषाओं को जोड़ सकेंगे। बीते साल तक बेस्ट फोर विषयों के फॉर्मूले में एक ही भाषा जोड़ने की अनुमति थी। छात्रों को अंग्रेजी, हिंदी व आधुनिक भारतीय भाषाओं में से किसी दो भाषाओं का चयन करना होगा।
डीयू में बृहस्पतिवार को दाखिले से जुड़े कुछ पहलुओं पर चर्चा के लिए स्टैडिंग कमेटी की बैठक हुई। कमेटी सदस्य डॉ. रसाल सिंह ने बताया कि बैठक में तय किया गया कि विद्यार्थी बेस्ट फोर के फॉर्मूले में अब दो भाषाओं को जोड़ सकेंगे। यदि कोई अन्य भाषा को जोड़ना चाहेगा तो इसकी मंजूरी नहीं होगी। यह फॉर्मूला सभी कोर्सेज के दाखिले पर लागू होगा। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। एमआईएल (मॉर्डन इंडियन लैंग्वेज-आधुनिक भारतीय भाषाएं) और कमजोर विषयों का संरक्षण व प्रोत्साहन आवश्यक है। स्टैडिंग कमेटी ने इस दिशा में अहम पहल की है। दाखिले से जुड़े जानकारों के अनुसार, भाषाओं में एक कोर व एक इलेक्टिव भाषा होती है। यदि विद्यार्थी किसी एक भाषा के लिए कोर व दूसरी भाषा के लिए इलेक्टिव का चयन करेगा तो इससे दाखिले के समय परेशानी बढ़ेगी।