स्कूली और व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने पर जोर
स्कूली शिक्षा के लिए राज्यों ने रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को कम करने और कक्षा में पढ़ाई के असर की निगरानी मजबूत करने का प्रस्ताव रखा। खास तौर पर बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता (FLN) पर ध्यान देने की बात कही गई। ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें मदद देने पर जोर दिया गया, जो जरूरी बुनियादी कौशल सीखे बिना ही अगली कक्षाओं में पहुंच जाते हैं।
राज्यों ने स्थानीय जरूरतों के अनुसार बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव रखा। पाठ्यक्रम और पढ़ाई की सामग्री में स्थानीय परिवेश, पारंपरिक ज्ञान और समुदाय के संसाधनों को शामिल करने पर जोर दिया गया। वहीं, व्यावसायिक शिक्षा में आईटीआई, पॉलिटेक्निक, उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की बात कही गई, ताकि छात्रों को इंटर्नशिप, रोजगार और अपना काम शुरू करने के बेहतर अवसर मिल सकें।