नए शैक्षणिक सत्र में आईआईटी और आईआईआईटी में किसी भी पाठ्यक्रम में ट्यूशन फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने यह घोषणा की है। मानव संसाधन विकास मंत्री का कहना है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों में नए शैक्षणिक सत्र के लिए सभी पाठ्यक्रमों की ट्यूशन फीस में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी आईआईटी और आईआईआईटी संस्थान नए शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में किसी भी कोर्स के लिए ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी नहीं करेंगे। आईआईटी परिषद की स्थायी समिति के अध्यक्ष और आईआईटी निदेशकों के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है।
एचआरडी मंत्रालय के इस फैसले के बाद अब देशभर के सभी आईआईटी और आईआईआईटी संस्थानों में नए शैक्षणिक सत्र के लिए स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में ट्यूशन फीस उतनी ही ली जाएगी जितनी की पिछले शैक्षणिक वर्ष के लिए तय थी। गौरतलब है कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए इस वक्त देश में दूसरे चरण का लॉकडाउन चल रहा है जो कि तीन मई तक है। लॉकडाउन की वजह से सभी उच्च शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। आईआईटी और आईआईआईटी में ऑनलाइन कक्षाएं ली जा रही हैं।
एचआरडी मंत्री का कहना है कि इस फैसले से कोरोना वायरस वाली इस संकट की घड़ी में आईआईटी और आईआईआईटी में पढ़ने वाले सभी छात्रों को राहत मिलेगी। बता दें कि एचआरडी मंत्री के इस फैसले से पहले ही आईआईटी दिल्ली ने नए अकादमिक सत्र के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में फीस बढ़ोतरी नहीं करने की घोषणा कर दी थी। इस घोषणा के बाद अब देश के प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों में ट्यूशन फीस की बढ़ोतरी नहीं होगी।