तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट (एनईईटी) के परीक्षार्थियों से आत्महत्या की प्रवृत्तियों से बचने की अपील की है। स्टालिन ने नीट से संबंधी छूट से जुड़े तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव पर राज्यपाल आर एन रवि की टिप्पणी का जिक्र करते हुए दावा किया है कि राजनीतिक बदलाव होने के बाद नीट की ये बाधाएं भी ढह जाएंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग कहते हैं कि ‘मैं हस्ताक्षर नहीं करूंगा’, फिर वे गायब हो जाएंगे।’’ तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने कहा था कि वह राज्य सरकार के नीट विरोधी विधेयक को कभी मंजूरी नहीं देंगे। फिलहाल यह विधेयक राष्ट्रपति के पास है।
राज्यपाल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, स्टालिन ने कहा, ‘‘इस विधेयक को उनके हस्ताक्षर का इंतजार नहीं है। यह राष्ट्रपति के पास है। जहां तक इसका सवाल है, तो राज्यपाल के पास इस मामले में कोई अधिकार नहीं है, जबकि वह ऐसा दिखा रहे हैं कि उनके पास अधिकार हैं। जगदीश्वरन की तरह चाहे कितने भी लोगों की जान चली जाए, राज्यपाल आर एन रवि का दिल नहीं पिघलेगा। ऐसे पत्थर दिल लोगों के दौर में मानव जीवन का कोई मूल्य नहीं है।’’
सीएम स्टालिन ने एक बयान में कहा, ‘‘मैं छात्र जगतेश्वरन और उसके पिता सेल्वाशेखर की मौत की घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।’’ उन्होंने नीट के कारण किसी अन्य छात्र की मौत न होने की कामना भी की।