भारतीय युवाओं को अब संयुक्त अरब अमीरात में पांच सेक्टरों में नौकरी करने के लिए अलग से परीक्षा नहीं देनी होगी। कंस्ट्रक्शन, ऑटोमोटिव समेत पांच सेक्टरों में नौकरी के लिए भारतीय कौशल विकास सर्टिफिकेट को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिल गई है।
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने दो दिन पहले अपने बजट भाषण में यूएई की तर्ज पर अन्य देशों में भी नौकरी करने की चाहत रखने वाले युवाओं को राहत देने की बात कही थी। केंद्र सरकार ने संयुक्त अरब अमीरात के इन सेक्टर में जॉब स्किल के तहत कौशल विकास ट्रेनिंग में बदलाव किया था।
इसके आधार पर अंतरराष्ट्रीय समझौता हुआ है। इसके बाद यूएई की स्किल काउंसिल ने भारतीय कौशल विकास मंत्रालय द्वारा कंस्ट्रक्शन, ऑटोमोटिव समेत पांच सेक्टर में कौशल विकास की ट्रेनिंग के तहत सर्टिफिकेट को मान्यता देने को मंजूरी दी है। इससे वहां जाकर अलग से कोई परीक्षा नहीं देनी होगी।
उत्तर प्रदेश, पंजाब, केरल के युवाओं को फायदा
एक अनुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, पंजाब, केरल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों के सबसे अधिक युवा बेहतर रोजगार के लिए संयुक्त अरब अमीरात जाते हैं। हालांकि वहां नौकरी की राह आसान नहीं होती थी। उन्हें नौकरी के लिए वहां के स्किल के तहत परीक्षा देनी पड़ती थी। इसके चलते अधिकतर युवाओं को वापस देश लौटना पड़ता था।
भारतीयों को नहीं आएगी परेशानी
सरकार का पूरा फोकस गुणवत्ता युक्त शिक्षा और रोजगार के बेहतर मौके उपलब्ध करवाने पर है। देश से सबसे अधिक युवा रोजगार की तलाश में संयुक्त अरब अमीरात की ओर रुख करते हैं। हालांकि वहां की मांग के आधार पर कौशल विकास में दक्ष होना जरूरी है अन्यथा एक अन्य परीक्षा देनी पड़ती है पर अब ऐसा नहीं होगा। संयुक्त अरब अमीरात और भारत सरकार समझौते के तहत वहां के पांच सेक्टर में 18 प्रकार की नौकरी में भारतीय कौशल विकास मंत्रालय की ट्रेनिंग को मंजूरी मिली है।
- प्रवीण कुमार, सचिव, केंद्रीय कौशल विकास व उद्यमिता मंत्रालय