एनएमसी ने क्यों लिया यह फैसला?
एनएमसी की 23 सितंबर 2026 को हुई 18वीं बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार किया गया। छात्रों, विश्वविद्यालयों और अन्य संबंधित पक्षों ने परीक्षा पास करने के लिए एक और अवसर देने की मांग की थी।
इन मांगों में कोविड-19 महामारी के कारण पढ़ाई में आई बाधाओं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और अन्य व्यक्तिगत कठिनाइयों का हवाला दिया गया था। आयोग ने 2019-20 और 2020-21 शैक्षणिक सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों को पहले दी गई एकमुश्त राहत को भी ध्यान में रखा।
क्या सभी एमबीबीएस छात्रों को मिलेगा लाभ?
नहीं। अतिरिक्त मौका केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो सार्वजनिक सूचना के साथ दिए गए दस्तावेज में बताई गई पात्रता और अन्य शर्तों को पूरा करते हैं। इसलिए सिर्फ 2019-20 या उसके बाद के सत्र में दाखिला लेना इस राहत का लाभ पाने के लिए पर्याप्त मानकर नहीं चलना चाहिए। एनएमसी ने छात्रों और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे सूचना में दी गई शर्तों को ध्यान से पढ़ें और अपनी पात्रता की पुष्टि करें।
छात्रों को क्या करना चाहिए?
पात्रता, लागू शर्तों और अतिरिक्त मौका पाने की प्रक्रिया की पूरी जानकारी के लिए छात्रों को एनएमसी की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए। सूचना 15 अक्तूबर 2026 को एनएमसी सचिव डॉ. राघव लांगर के हस्ताक्षर से जारी की गई थी। इसलिए यह तय करने के लिए कि कौन-सा छात्र मर्सी अटेम्प्ट के योग्य है, आयोग की पूरी अधिसूचना देखना जरूरी है।