मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच और मूल्यांकन
देशभर में नामित 16 मेडिकल बोर्ड्स यह मूल्यांकन करेंगे कि उम्मीदवार द्वारा की गई घोषणाएं वास्तविक हैं या नहीं। यदि कोई छात्र कुछ कार्य करने में असमर्थ होता है, तो बोर्ड यह देखेगा कि क्या वह वैकल्पिक क्षमताओं के ज़रिए उस कमी की भरपाई कर सकता है। यह मूल्यांकन मानकीकृत टेस्ट और टूल्स के माध्यम से किया जाएगा।
एनएमसी के अनुसार, “यदि उम्मीदवार कुछ आवश्यक कार्यों में खुद को अक्षम घोषित करता है, तो बोर्ड holistic view लेकर तय करेगा कि क्या वह छात्र MBBS पाठ्यक्रम में सामर्थ्यपूर्वक भाग ले सकता है।”
हियरिंग, विजुअल और लोकोमोटर डिसेबिलिटी के लिए विशेष प्रश्न
- हाथों से जुड़ी अक्षमता वाले छात्रों से पूछा जाएगा: क्या वे खुद को खाना खिला सकते हैं, लिख सकते हैं या ग्रूमिंग कर सकते हैं?
- पैरों की अक्षमता वाले छात्र: क्या वे समतल जगह पर चल सकते हैं, सीढ़ियां चढ़ सकते हैं?
- दृष्टिबाधित छात्रों से: क्या वे मौखिक निर्देश समझ सकते हैं, सामाजिक रूप से संवाद कर सकते हैं, मेडिकल अवधारणाएं समझ सकते हैं?
NEET UG Counselling 2025: 21 जुलाई से शुरू
इस बीच, MBBS, BDS और AYUSH पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट यूजी 2025 की काउंसलिंग MCC द्वारा 21 जुलाई से शुरू की जा रही है। उम्मीदवारों की पसंद, नीट स्कोर और मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों को RPwD एक्ट का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं, जिससे PwBD छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित हो सकें।