राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC)
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राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा बोर्ड (PGMEB) ने मेडिकल छात्रों को पीजी थीसिस सबमिशन में बड़ी राहत दी है। शिक्षा बोर्ड ने 2018-2019 बैच और 2019-2020 बैच के पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री छात्रों को थ्योरी और क्लिनिकल / प्रैक्टिकल परीक्षा से कम से कम तीन महीने पहले तक अपनी थीसिस जमा करने की अनुमति देने का फैसला किया है। पहले यह समयसीमा छह माह पहले तक की थी।
स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा बोर्ड ने 2018-19 बैच के छात्रों को व्यापक विशिष्टताओं और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों में प्रवेश करने की अनुमति देगा, भले ही 2018-2019 बैच के छात्रों ने पोस्टर प्रजंटेशन नहीं दी हो, कॉन्फ्रेंस में शोध पेपर नहीं पढ़ा हो, साथ ही उनका शोध पत्र प्रकाशित भी न हुुआ हो। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने एक बयान में विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को 2018-19 और 2019-20 बैच के छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए शोध पर स्वीकार करने की सलाह दी है। भले ही वास्तव में विश्लेषण किया हुआ अंतिम सैंपल साइज, अनुमोदित शोध अध्ययन के प्रोटोकॉल की न्यूनतम आवश्यकता के अनुरूप नहीं है।
इस संबंध में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देश यहां पढ़े जा सकते हैं।