यूपी की बोर्ड परीक्षाएं भी खत्म हो गई हैं। और सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं भी जल्द ही समाप्त होने वाली हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आगे क्या किया जाए। लेकिन अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। मेडिकल क्षेत्र में अपना करियर बनाने वालों के लिए बड़ी खबर है। बता दें कि देश में मेडिकल की सीटें बढ़ने जा रही हैं। ध्यान दें कि सीटें हजारों की संख्या में बढ़ाई जा रही हैं।
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से इस प्रस्ताव के लिए मंजूरी मांगी गई थी, जिसके लिए अब मंजूरी मिल गई है। इस विषय पर बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन और नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि पिछले पांच सालों में भी इतनी सीटें नहीं बढ़ाई गई हैं, जितनी इस साल बढ़ने वाली हैं। स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार, आने वाले शैक्षणिक सत्र से 4,800 से ज्यादा सीटें पीजी मेडिकल प्रोग्राम्स के लिए बढ़ाई जाएंगी।
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वीके पॉल ने इस बारे में ये भी कहा कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2014 में वादा किया था कि 2024 तक यूजी और पीजी मेडिकल की सीटें दोगुनी कर दी जाएंगी। उसी दिशा में काम करते हुए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 से पीजी मेडिकल की 4,807 सीटें बढ़ाने की स्वीकृति दे दी है। इस बदलाव के बाद देश में पीजी मेडिकल (एमडी व एमएस) की कुल 36,192 सीटें हो जाएंगी।'
मुख्य जानकारी-
- उन्होंने जानकारी दी कि एमडी व एमएस की 36,192 सीटें तय हैं। डीएनवी व एफएनबी के लिए 8,000 सीटें हैं। यानी लगभग 44 हजार मेडिकल पीजी की सीटें हो जाएंगी।
- पुराने आंकड़ों की बात करें तो साल 2014-15 तक पीजी मेडिकल की 23 हजार सीटें थी। ये सीटें सरकारी व निजी कॉलेज दोनों के लिए थी।