एनजीओ ने अपनी शिकायत में ये भी सवाल किया है कि कैसे कोई प्राधिकरण आरक्षण के उस नियम को बदल सकता है जिसकी अनुमति सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई है। साथ ही मांग रखी है कि शैक्षणिक सत्र 2019 के लिए हो रही एम्स एमबीबीएस काउंसलिंग प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए और कोर्ट के निर्देशानुसार काउंसलिंग कराई जाए। एनजीओ ने इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की है।